द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र लखनऊ में "Modern Manufacturing Industry Technique" पर एक दिवसीय सेमिनार सम्पन्न
लखनऊ। द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र, लखनऊ द्वारा 26 जुलाई 2026 को इंजीनियर्स भवन, रिवर बैंक कॉलोनी, लखनऊ में "Modern Manufacturing Industry Technique" विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का सफल आयोजन किया गया।
सेमिनार का उद्देश्य आधुनिक विनिर्माण क्षेत्र में हो रहे तकनीकी नवाचारों, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, स्वचालन (Automation), गुणवत्ता प्रबंधन, डिजिटल तकनीकों तथा इंडस्ट्री 4.0 के बढ़ते प्रभाव पर व्यापक चर्चा करना था। कार्यक्रम में अभियंताओं, उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
आधुनिक तकनीकों से बदल रही है विनिर्माण प्रक्रिया
आज के प्रतिस्पर्धात्मक औद्योगिक परिवेश में आधुनिक विनिर्माण तकनीकें उद्योगों की उत्पादकता, गुणवत्ता एवं दक्षता बढ़ाने का प्रमुख आधार बन चुकी हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, डिजिटल ट्विन, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग तथा डेटा एनालिटिक्स जैसी तकनीकों से उत्पादन प्रक्रिया अधिक सटीक, सुरक्षित, तेज एवं किफायती बन रही है।
हालांकि इसके साथ कुशल मानव संसाधन विकास, साइबर सुरक्षा, डेटा प्रबंधन, तकनीकी प्रशिक्षण, ऊर्जा दक्षता जैसी चुनौतियाँ भी सामने हैं, जिसके लिए उद्योग, शिक्षण संस्थानों एवं अनुसंधान संगठनों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
अध्यक्षता — के.पी. त्रिपाठी ने बताई भारत के औद्योगिक विकास की आधारशिला
कार्यक्रम की अध्यक्षता इं. के.पी. त्रिपाठी (पूर्व प्रधान वैज्ञानिक, ICAR-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून तथा पूर्व अध्यक्ष, IEI उत्तराखण्ड राज्य केंद्र) ने की। उन्होंने कहा कि आधुनिक विनिर्माण तकनीकें भारत के औद्योगिक विकास की आधारशिला बन चुकी हैं और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमेशन व डिजिटल तकनीकों को अपनाकर भारतीय उद्योग वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता सुदृढ़ कर सकते हैं। उन्होंने युवा शोधकर्ताओं से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
कीनोट स्पीकर जी.एम. पाण्डेय ने साझा किए इंडस्ट्री 4.0 के अनुभव
मुख्य वक्ता एवं कीनोट स्पीकर इं. जी.एम. पाण्डेय (पूर्व यूनिट हेड, रेनुसागर पावर प्लांट, हिंडाल्को) ने स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, औद्योगिक स्वचालन, गुणवत्ता नियंत्रण, ऊर्जा दक्षता तथा उत्पादन प्रणाली के विभिन्न आयामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्री 4.0, IoT, प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस तथा डेटा आधारित निर्णय प्रणाली से उद्योगों की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।
अन्य वक्ताओं ने भी रखे अपने विचार
- श्री विजय यादव (डिप्टी जनरल मैनेजर-क्वालिटी, HAL Accessories Division, लखनऊ) ने गुणवत्ता प्रबंधन, मानकीकरण तथा निरंतर सुधार (Continuous Improvement) को विनिर्माण इकाई की सफलता का आधार बताया।
- श्री सौरभ कुमार (चीफ इंजीनियर-क्वालिटी) ने गुणवत्ता आश्वासन, प्रक्रिया नियंत्रण, निरीक्षण तकनीकों तथा ग्राहक संतुष्टि के महत्व पर विचार साझा किए।
- संयोजक इं. राजेश श्रीवास्तव ने सेमिनार का सफल संचालन किया और आधुनिक विनिर्माण तकनीकों को उद्योग, शिक्षा व अनुसंधान से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में IEI उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र के मानद सचिव इं. एन.के. निषाद ने सभी विशिष्ट अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए भविष्य में भी ऐसे तकनीकी कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
