संत-महात्माओं के लिए आवास, परिवहन और विशेष व्यवस्थाएं, मिलेंगे विशेष किट बैग, दीपोत्सव और कलश यात्रा होंगे आकर्षण
लखनऊ। संत शिरोमणि सद्गुरु श्री रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम श्रृंखला का शुभारंभ 29 जुलाई को उनकी जन्मस्थली सीरगोवर्द्धन से होगा।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित यह समारोह संत रविदास जी के समरसता, समानता और लोककल्याण के संदेश को देशभर में प्रसारित करने का माध्यम बनेगा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित केंद्र व राज्य सरकार के कई मंत्री, संत-महात्मा तथा देशभर से आए विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे।
कलश यात्रा और शुभारंभ समारोह होंगे मुख्य आकर्षण
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि दो दिवसीय कार्यक्रमों की शुरुआत 28 जुलाई को मिट्टी कलश पूजन और कलश यात्रा से होगी। इसके बाद 29 जुलाई को गुरु रविदास मंदिर से कार्यक्रम स्थल तक भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी
संत रविदास जन्मस्थली स्मारक, सीरगोवर्द्धन में आयोजित शुभारंभ समारोह में देशभर से आए संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु शामिल होंगे। शाम को संत रविदास घाट स्थित वीडीए पार्क में भव्य दीपोत्सव का आयोजन भी होगा, जो कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
700 से अधिक संत-महात्मा और विशिष्ट अतिथि होंगे शामिल
इस भव्य आयोजन में प्रदेश और देशभर से लगभग 700 से 800 संत-महात्माओं तथा विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने का कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी और कमलेश पासवान, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति प्रस्तावित है।
संत-महात्माओं के लिए व्यापक व्यवस्थाएं
समारोह को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं:
- देशभर से आने वाले संत-महात्माओं के लिए दो दिनों की आवास एवं खान-पान व्यवस्था
- विभिन्न जनपदों के श्रद्धालुओं हेतु 600 बसें, वाराणसी जनपद के प्रतिभागियों हेतु 400 बसें
- स्थानीय आवागमन के लिए 500 ऑटो एवं छोटे वाहन
- कलश यात्रा के लिए 131 विशेष कलश
- संत-महात्माओं को 500 विशेष किट बैग का वितरण
- दीपोत्सव एवं भोजन प्रसाद की विशेष व्यवस्था
सांस्कृतिक गतिविधियों और प्रदर्शनी का भी होगा आयोजन
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार द्वारा दुर्लभ पांडुलिपियों की विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए पेंटिंग प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे युवा पीढ़ी संत रविदास जी के विचारों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सके।
संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि संत रविदास जी की सर्वसमावेशी परिकल्पना "छोट-बड़ो सब सम बसै" और "मिले सबन को अन्न" को साकार करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार इस जयंती वर्ष को विशेष रूप से मना रही है। उन्होंने बताया कि यह शुभारंभ समारोह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक संरक्षण और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा।
