डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती वर्ष पर प्रदेशभर में बने 'समरस वन', 76,520 पौधे रोपे गए
लखनऊ। समाज में एकता, भाईचारा, समानता, स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करने तथा जाति प्रथा, छुआछूत एवं लैंगिक असमानता जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रति जन जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सोमवार को प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर 'समरस वन' स्थापित किए गए। संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती वर्ष के अवसर पर 'एक पेड़ मां के नाम' विषयवस्तु पर आधारित 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' के अंतर्गत पूरे प्रदेश में 76,520 पौधों का रोपण किया गया।
गांधीनगर से हुई थी समरस वन की शुरुआत
गौरतलब है कि 14 अप्रैल 2026 को डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर गांधीनगर में आयोजित सामाजिक समरसता महोत्सव में माननीय राष्ट्रपति ने पौधरोपण कर 'समरस वन' की स्थापना की थी। इस अवसर पर उन्होंने वृक्षारोपण के माध्यम से सामाजिक सद्भाव और संवैधानिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया था। उसी क्रम में सोमवार को उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में समरस वन स्थापित किए गए।
हर जनपद में एक हेक्टेयर क्षेत्र में देशज प्रजातियों का रोपण
अभियान के तहत प्रदेश के प्रत्येक जनपद मुख्यालय, तहसील मुख्यालय और विकास खंड में न्यूनतम एक हेक्टेयर क्षेत्र में 135 देशज पौधों का रोपण किया गया। इनमें नीम, बरगद, पीपल, पाकड़, आम, गूलर, इमली सहित स्थानीय जलवायु और मृदा के अनुरूप विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक समरसता का संदेश
वन एवं वन्यजीव विभाग के नेतृत्व में संचालित इस अभियान में समाज कल्याण विभाग ने सक्रिय सहयोग और सहभागिता निभाई। अधिकारियों के अनुसार, समरस वन केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति लोगों को जागरूक करने का भी सशक्त प्रतीक बनेंगे।
