कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक शाहनवाज राना की रिहाई को लेकर ताजे अपडेट सामने आए हैं। शाहनवाज राना, जो पहले ही कई आपराधिक मामलों में आरोपित थे, अब जीएसटी चोरी के एक और मुकदमे में फंस गए हैं। इससे उनकी रिहाई की उम्मीदें एक बार फिर मद्धिम पड़ गई हैं, और वे फिलहाल जेल में ही रहेंगे।
जीएसटी चोरी के आरोप: शाहनवाज राना पर जीएसटी चोरी के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी कंपनियों के जरिए टैक्स चोरी की है, जिससे सरकार को भारी नुकसान हुआ। जीएसटी जांच एजेंसी ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यह मामला उनके खिलाफ एक और कानूनी चुनौती बनकर सामने आया है।
पूर्व में लगे थे कई आरोप
इस मामले में पुलिस ने शाहनवाज को सीजेएम कोर्ट में तलब कराया। वारंट बनने के बाद उनको 28 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस मामले में सीजेएम कोर्ट से उनकी जमानत खारिज हो गई है। बता दें कि गत पांच दिसंबर को वहलना चौक के निकट पूर्व सांसद एवं सपा नेता कादिर राना की राना स्टील फैक्ट्री में छापा मारने आई डीजीजीआइ की टीम पर हमला किया गया था। इस मामले में सिविल लाइंस पुलिस ने पूर्व विधायक शाहनवाज राना, सद्दाम राना व कादिर राना की दो बेटियों पर मुकदमा दर्ज किया था। मामले में शाहनवाज राना व सद्दाम जेल में बंद हैं।
