महापौर सुषमा खर्कवाल ने उत्तराखण्ड के प्रतिनिधिमंडल को कराया लखनऊ मॉडल से परिचित
स्वच्छ सर्वेक्षण में देश में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले नगर निगम लखनऊ के स्वच्छता एवं स्मार्ट सिटी मॉडल का किया अध्ययन
लखनऊ। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देश में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले नगर निगम लखनऊ के स्वच्छता एवं शहरी विकास मॉडल का अध्ययन करने के लिए उत्तराखण्ड राज्य के शहरी विकास विभाग के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों का प्रतिनिधिमंडल 22 से 24 जुलाई 2026 तक लखनऊ के अध्ययन भ्रमण पर पहुंचा। इस दौरान लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने स्मार्ट सिटी कार्यालय में प्रतिनिधिमंडल से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें नगर निगम की उपलब्धियों एवं अभिनव पहलों से अवगत कराया।
वीडियो प्रस्तुतीकरण के माध्यम से साझा की नगर निगम की उपलब्धियां
महापौर सुषमा खर्कवाल ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए नगर निगम लखनऊ द्वारा स्वच्छता, कचरा प्रबंधन एवं शहरी विकास के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों की जानकारी साझा की। प्रतिनिधिमंडल को नगर निगम लखनऊ की उपलब्धियों, स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन तथा स्मार्ट एवं सतत शहरी विकास की विभिन्न परियोजनाओं पर आधारित एक विस्तृत वीडियो प्रस्तुतीकरण भी दिखाया गया।
इस अवसर पर नगर आयुक्त गौरव कुमार एवं अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव भी महापौर के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को नगर निगम लखनऊ द्वारा अपनाई गई नवाचार आधारित कार्यप्रणाली तथा नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयासों की जानकारी दी।
महापौर ने कहा कि नगर निगम लखनऊ जनसहभागिता, आधुनिक तकनीक एवं प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से स्वच्छ एवं स्मार्ट शहर के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न नगर निकायों के बीच ऐसे अध्ययन भ्रमण अनुभवों के आदान-प्रदान का एक प्रभावी माध्यम हैं, जिससे शहरी विकास एवं स्वच्छता से जुड़ी बेहतर व्यवस्थाओं को व्यापक स्तर पर अपनाया जा सकता है।
स्वच्छता प्रबंधन की अभिनव व्यवस्थाओं की दी गई जानकारी
अध्ययन भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल को नगर निगम लखनऊ द्वारा कचरा प्रबंधन, उपयोग किए गए पानी के प्रबंधन, पुराने कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण, घर-घर से कचरा संग्रहण तथा स्रोत स्तर पर गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण जैसी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अपनाई गई रणनीतियों एवं जनसहभागिता आधारित पहलों से भी अवगत कराया गया।
स्मार्ट सिटी एवं पर्यावरणीय परियोजनाओं का किया अवलोकन
प्रतिनिधिमंडल ने यूपी दर्शन पार्क, भरवारा स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), विभूति खंड स्थित सीएम ग्रिड सड़क परियोजना, स्मार्ट सिटी की विभिन्न परियोजनाओं तथा इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान उन्हें अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, स्मार्ट शहरी सेवाओं तथा तकनीक आधारित नागरिक सुविधाओं के प्रभावी संचालन की जानकारी दी गई।
उत्तराखण्ड के विभिन्न नगर निकायों के जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी रहे शामिल
अध्ययन भ्रमण में स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन डेवलपमेंट (SIUD) तथा डॉ. आर.एस. टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल के प्रोग्राम डायरेक्टर मनोज पाण्डेय, रिसर्च ऑफिसर शोभा मेहरा, ट्रेनिंग मैनेजर आशा जोशी सहित अनेक नगर पंचायतों एवं नगर पालिका परिषदों — शक्तिगढ़, सुल्तानपुर, नगला, दिनेशपुर, बाजपुर, गदरपुर, जसपुर, किच्छा, महुआखेड़ागंज तथा सितारगंज — के अध्यक्ष, सभासद, इंजीनियर, स्वच्छता निरीक्षक एवं SWM विशेषज्ञ सम्मिलित हुए। इनमें प्रमुख रूप से सुमित मण्डल, राजीव कुमार, सचिन शुक्ला, सुवीर सरकार, जॉनी मौर्य, विष्णुशील, कैलाश दिवाकर, गोपाल दत्त जोशी, जगतजीत सिंह, राजदीप तिवारी, सोहन लाल, रोहित सिंह, राहुल सिंह, सूरज गौतम, राजेश सैनी, शिखर पाण्डेय, नारायण मंडल और आकाश कोचर शामिल रहे। कुल मिलाकर विभिन्न नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।
