पारदर्शिता की जीत: पुलिस के सकारात्मक रुख के बाद राजीव अग्रवाल टी.टी. ने बंद किया प्रकरण
पीलीभीत। पिछले दिनों नगर के प्रतिष्ठित सर्राफा व्यवसाई और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राजीव अग्रवाल टी.टी. को हाउसअरेस्ट किए जाने के मामले का पटाक्षेप पूरी तरह सौहार्दपूर्ण और गरिमापूर्ण ढंग से हो गया है। इस पूरे प्रकरण में जहां एक ओर मीडिया ने निष्पक्षता से सजग प्रहरी की भूमिका निभाई, वहीं कानून की ताकत और प्रशासनिक संवेदनशीलता की भी जीत हुई है।
RTI से खुली सच्चाई
मामले की जानकारी देते हुए राजीव अग्रवाल टी.टी. ने बताया कि विधिक प्रक्रिया के तहत जब आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी गई, तो स्थानीय पुलिस प्रशासन ने पूरी पारदर्शिता बरतते हुए स्पष्ट किया कि अभिलेखों में नज़रबंदी का कोई लिखित आदेश उपलब्ध नहीं था।
अधिवक्ता की कुशल कानूनी रणनीति
इस पूरे विधिक संघर्ष और बारीकियों को पूरी मजबूती से तैयार करने का श्रेय अधिवक्ता नीलेश चतुर्वेदी को जाता है। उनकी सटीक कानूनी रणनीति, आरटीआई की आपातकालीन धाराओं के कुशल प्रयोग और विधिक समझ के कारण ही नागरिक अधिकारों का सफलतापूर्वक संरक्षण हो सका।
पुलिस अधीक्षक की संवेदनशील पहल
विधिक स्थिति स्पष्ट होने के बाद पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने अत्यंत संवेदनशीलता और बड़प्पन का परिचय देते हुए स्वयं वार्ता कर वस्तुस्थिति को समझा, सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए आश्वासन दिया और मामले का सम्मानजनक समाधान निकाला।
अधिवक्ता नीलेश चतुर्वेदी का बयान
"लोकतंत्र में कानून सर्वोपरि है। आरटीआई की आपातकालीन धाराओं का मुख्य उद्देश्य व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है। पुलिस प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में वस्तुस्थिति को स्पष्ट किया और उच्चाधिकारियों ने जो सकारात्मक व संवेदनशील दृष्टिकोण दिखाया, वह सराहनीय है। कानून का मकसद टकराव बढ़ाना नहीं, बल्कि अधिकारों का संरक्षण और व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।"
— नीलेश चतुर्वेदी, एडवोकेट
राजीव अग्रवाल टी.टी. का बयान
"हम उन सभी मीडिया बंधुओं के हृदय से आभारी हैं जिन्होंने लगातार सजगता दिखाई और इस विषय को प्रमुखता से उठाया। पुलिस अधीक्षक महोदय ने स्वयं बड़प्पन दिखाते हुए भविष्य के लिए जो सकारात्मक आश्वासन दिया है, हम उसका पूरा सम्मान करते हैं। हमारे अधिवक्ता नीलेश चतुर्वेदी जी के कुशल विधिक मार्गदर्शन के कारण ही यह न्यायसंगत समाधान संभव हो सका है। प्रशासन के इस सहयोगात्मक रुख को देखते हुए अब हम इस मामले को यहीं समाप्त कर रहे हैं।"
— राजीव अग्रवाल टी.टी., पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष / अग्रवाल सभा अध्यक्ष
