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राष्ट्रीय लोक कला महोत्सव में लोक संस्कृति के रंग, कलाकारों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन

लोक गायिका
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Dhirendra Mishra
  • Updated: June 22, 2026

• लखनऊ में आयोजित महोत्सव में प्रदेशभर से आए कलाकारों ने बिखेरी सांस्कृतिक छटा

लखनऊ कैनविज टाइम्स संवाददाता। भारतीय लोक कला, संगीत और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित राष्ट्रीय लोक कला महोत्सव का आयोजन वाइब्रेंट फोक आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी की ओर से संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से अटल पुरी, नीलमथा में किया गया। महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्ध परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ लोक गायिका वंदना मिश्रा, वरिष्ठ समाजसेविका हेमलता त्रिपाठी, राष्ट्रीय हिंदू सेना के अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, कृष्ण देव त्रिपाठी तथा सेवा भारती की मंजू सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। महोत्सव में लोक गीत, संगीत और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्वधा मिश्रा, विनय नारायण, श्रीप्रकाश पांडेय, दिनेश पांडेय, उमा त्रिपाठी, किरन सिंह, अखिलेश सिंह, रूमा राय, पूजा उपाध्याय, ममता उपाध्याय, बिट्टू दीक्षित, मनोज दुबे, रमा शुक्ला, मीरा, तेज बहादुर और नीतू राय समेत कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से खूब तालियां बटोरीं। संस्था की निदेशक एवं सचिव वंदना मिश्रा ने कहा कि लोक कलाएं भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने संस्कृति मंत्रालय के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे लोक कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिलता है और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलती है। महोत्सव में बड़ी संख्या में कला प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। समापन अवसर पर सभी कलाकारों को अंगवस्त्र व पटुका पहनाकर सम्मानित किया गया तथा लोक कला एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का संदेश दिया गया।

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