रेलवे संरक्षा आयुक्त ने गौरा–जंघई रेल लाइन दोहरीकरण का किया निरीक्षण, रेल परिचालन के लिए दी संरक्षा स्वीकृति

लखनऊ। रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएस), उत्तर रेलवे परिमंडल, दिनेश चंद देशवाल ने मंगलवार को प्रतापगढ़–जंघई रेल खंड के अंतर्गत गौरा–जंघई स्टेशनों के बीच लगभग 27 किलोमीटर लंबे रेल लाइन दोहरीकरण एवं स्टेशन विकास कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौरा, सुवंसा, बादशाहपुर और नीभापुर रेलवे स्टेशनों पर किए गए दोहरीकरण कार्यों एवं संरक्षा व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया
निरीक्षण के दौरान रेलवे संरक्षा आयुक्त ने निर्माणाधीन स्टेशन भवन, स्टेशन अधीक्षक कक्ष, पैनल रूम, प्लेटफॉर्म, यार्ड, सिग्नल एवं दूरसंचार प्रणाली सहित विभिन्न संरक्षा संबंधी कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
इसके बाद सीआरएस ने गौरा–जंघई रेल खंड पर विशेष निरीक्षण यान के माध्यम से स्पीड ट्रायल किया। परीक्षण के दौरान सभी तकनीकी एवं संरक्षा मानक संतोषजनक पाए गए। इसके उपरांत उन्होंने इस दोहरीकृत रेल खंड पर नियमित रेल परिचालन के लिए आवश्यक संरक्षा स्वीकृति (Safety Clearance) प्रदान कर दी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस रेल मार्ग के दोहरीकरण से ट्रेनों की गति में वृद्धि होगी, परिचालन क्षमता बेहतर होगी तथा ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध तरीके से किया जा सकेगा। इसके साथ ही यात्रियों को भी बेहतर और अधिक विश्वसनीय रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) श्याम सिंह, उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के मंडल रेल प्रबंधक सुनील कुमार वर्मा सहित निर्माण संगठन एवं लखनऊ मंडल के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
