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वाराणसी में बौद्ध मंदिर एवं गेस्ट हाउस निर्माण के लिए 02 एकड़ भूमि रॉयल गवर्नमेंट ऑफ भूटान को उपलब्ध करायी जाएगी

उत्तर प्रदेश सरकार और भूटान सरकार के बीच वाराणसी में 2 एकड़ भूमि के लिए लीज डीड समझौता संपन्न। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह की उपस्थिति में हस्ताक्षरित इस समझौते के तहत सारनाथ के पास बौद्ध मंदिर और गेस्ट हाउस बनेगा, जिससे भारत-भूटान संबंधों और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।"
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Admin
  • Updated: June 11, 2026

प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी जनपद वाराणसी में भूटान सरकार को बौद्ध मंदिर एवं गेस्ट हाउस निर्माण के लिए 02 एकड़ भूमि उपलब्ध करायी जाएगी। इससे संबंधित लीज डीड एग्रीमेंट पर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह एवं अपर मुख्य सचिव पर्यटन श्री अमृत अभिजात की गरिमामयी उपस्थिति में रॉयल गवर्नमेंट ऑफ भूटान एवं पर्यटन विभाग के बीच एक समझौता ज्ञापन पर आज हस्ताक्षर किया गया। भूमि हस्तांतरित करने संबंधी आवश्यक कार्यवाहियां पूरी कर ली गयी हैं। यह भूमि वाराणसी के अजइपुर, परगना कोलअसला तह0- पिंडरा में स्थित है। यह प्राइम लोकेशन की भूमि है। 


लीज डीड एग्रीमेंट (एमओयू) पर रॉयल गवर्नमेंट ऑफ भूटान की तरफ से श्रीमती ताशी पेल्डन, उप-मिशन प्रमुख रॉयल भूटानी दूतावास नई दिल्ली द्वारा हस्ताक्षर किया गया और सांगे थिनले, चांसरी प्रमुख व सुश्री चिमी वांगमों, काउंसलर-वित्त, रॉयल भूटानी दूतावास गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए। पर्यटन विभाग उ0प्र0 की ओर से विशेष सचिव मृदुल चौधरी ने हस्ताक्षर किए तथा दो अधिकारियों ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए और अभिलेखों का आदान-प्रदान किया गया। यह लीज एग्रीमेंट 30 वर्षों तक के लिए किया गया है, जिसका वार्षिक किराया एक रूपया निर्धारित किया गया है। 


इस अवसर पर पर्यटन मंत्री ने रॉयल गवर्नमेंट ऑफ भूटान के प्रतिनिधियों का स्वागत एवं हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि इस समझौते को जमीन पर उतारा जाएगा। भूटान से हमारे ऐतिहासिक और मधुर संबंध है। भारत और भूटान एक-दूसरे के अच्छे पड़ोसी है। इसके अलावा सारनाथ पहले से ही बौद्ध धर्म का एक प्रमुख प्रेरणा स्थल है। बौद्ध मंदिर एवं गेस्ट हाउस के निर्माण हो जाने से बौद्ध श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि होगी। राज्य सरकार बौद्ध परिपथ के अंदर आने वाले संकिसा, कुशीनगर आदि बौद्ध स्थलों पर उच्च स्तरीय अवस्थापना सुविधाओं का सृजन कर रही है। कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा इस कड़ी में शामिल है। 


जयवीर सिंह ने बताया कि उ0प्र0 अपने गौरवशाली, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासतों तथा समृद्ध, प्राकृतिक संपदा के दृष्टि पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ प्रदेश है। जनपद वाराणसी में स्थित सारनाथ एक आध्यातिक, बौद्धिक एवं दार्शनिक स्थल है। इसके अलावा संग्रहालय भी बनाया गया है। 02 एकड़ भूमि रॉयल गवर्नमेंट ऑफ भूटान को हस्तांतरित किए जाने से भारत और भूटान के बीच अंतर्राष्ट्रीय संबंध और प्रगाढ़ होगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ-साथ विदेशों से बड़ी संख्या में पर्यटन पधारेंगे। उन्होंने लीज डील एग्रीमेंट के लिए भूटान सरकार को बधाई दी और कहा कि भारत हमेशा भूटान के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने इस मौके पर विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2017 के बाद से जो भी एमओयू निष्पादित किए गए हैं, उनकी समीक्षा की जाए। इसके अलावा विजिट माई स्टेट अभियान को युद्ध स्तर पर संचालित किया जाए। 


इस मौके पर जापानी दूतावास की ताशी पेल्डन ने उ0प्र0 सरकार एवं पर्यटन विभाग का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भूटान और भारत सरकार के संबंधों को और सुदृढ़ बनाने में यह समझौता ज्ञापन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात, महानिदेशक पर्यटन वेदपति मिश्रा, विशेष सचिव पर्यटन मृदुल चौधरी, निदेशक ईको-पर्यटन पुष्पेंद्र कुमार के0 पर्यटन सलाहाकार जेपीसिंह, संयुक्त निदेशक रावत, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी मुख्यालय मंजू चौधरी एवं पर्यटन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

 


 

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