द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र में तकनीकी व्याख्यान आयोजित
लखनऊ। द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र द्वारा शनिवार को इंजीनियर्स भवन, रिवर बैंक कॉलोनी में "Competency Mapping for Personality Profiling" विषय पर एक महत्वपूर्ण तकनीकी व्याख्यान का आयोजन किया गया।
विषय का महत्व
आज के प्रतिस्पर्धात्मक एवं गतिशील कार्य परिवेश में किसी भी संगठन की सफलता उसके मानव संसाधनों की दक्षता, क्षमता एवं व्यक्तित्व विकास पर निर्भर करती है।
- Competency Mapping — एक वैज्ञानिक प्रक्रिया, जिसके माध्यम से व्यक्ति के ज्ञान, कौशल, व्यवहार एवं कार्यकुशलता का मूल्यांकन कर उसे उपयुक्त दायित्वों व नेतृत्व भूमिकाओं हेतु विकसित किया जाता है
- Personality Profiling — व्यक्तित्व विशेषताओं, व्यवहार शैली, संप्रेषण क्षमता एवं नेतृत्व गुणों का विश्लेषण कर व्यक्तिगत व संस्थागत विकास में मदद करती है
इस विषय का महत्व उद्योग, शिक्षा, प्रशासन एवं प्रबंधन के सभी क्षेत्रों में निरंतर बढ़ रहा है।
अध्यक्षीय संबोधन
कार्यक्रम की अध्यक्षता इं. वी.पी. सिंह, चेयरमैन, द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र द्वारा की गई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि:
- वर्तमान समय में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक दक्षता, नेतृत्व क्षमता एवं प्रभावी व्यक्तित्व का विकास प्रत्येक अभियंता के लिए अत्यंत आवश्यक है
- Competency Mapping एवं Personality Profiling से अभियंताओं की कार्यक्षमता व संगठनात्मक विकास को नई दिशा मिल सकती है
- संस्था भविष्य में भी ऐसे समसामयिक तकनीकी कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर करती रहेगी
मुख्य वक्ता का व्याख्यान
मुख्य वक्ता के रूप में इं. एम.एम. खान, निदेशक, ProLead Consultancy & Training Group, पूर्व मुख्य अभियंता, Renusagar Power Division, Hindalco (Aditya Birla Group) एवं पूर्व ग्रुप जनरल मैनेजर, NASH Engineering Group, Dubai (UAE) ने अपने व्याख्यान में:
- Competency Mapping की अवधारणा एवं उसके विभिन्न आयामों को विस्तार से समझाया
- संगठनात्मक विकास में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला
- Personality Profiling के महत्व को रेखांकित किया
- विभिन्न उद्योगों के व्यावहारिक उदाहरणों से समझाया कि कैसे यह कार्यक्षमता, संगठनात्मक संस्कृति एवं नेतृत्व विकास को प्रभावी बनाती है
उन्होंने बताया कि किसी भी संगठन की दीर्घकालिक सफलता उसके कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता के साथ-साथ व्यवहार, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता एवं टीम भावना पर निर्भर करती है।
संयोजक की टिप्पणी
कार्यक्रम के संयोजक इं. राजेश श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि ऐसे व्याख्यान अभियंताओं, प्रबंधकों, शिक्षाविदों एवं विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं तथा उन्हें आधुनिक औद्योगिक एवं प्रबंधकीय आवश्यकताओं से परिचित कराते हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन भी इं. राजेश श्रीवास्तव द्वारा किया गया।
धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में संस्था के मानद सचिव इं. एन.के. निषाद ने सभी उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
