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VBG-RAM-G योजना लागू: ग्रामीण परिवारों को 125 दिन का गारंटीकृत रोजगार, भुगतान में देरी पर मिलेगा मुआवजा – केशव प्रसाद मौर्य

नई VBG-RAM-G योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिन का गारंटीकृत रोजगार मिलेगा। मजदूरी में देरी पर मुआवजा, डिजिटल निगरानी और ग्राम पंचायतों को बड़ी जिम्मेदारी।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: July 1, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में शुरू हुई नई ग्रामीण रोजगार योजना, ग्राम पंचायतों को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में देशभर में 'वी-बी-जी-राम-जी (VBG-RAM-G)' योजना लागू की गई है। उन्होंने इसे ग्रामीण भारत के विकास, रोजगार सृजन और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।

उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों का गारंटीकृत रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यदि निर्धारित समय सीमा में मजदूरी का भुगतान नहीं होता है तो श्रमिकों को विलंब पर ब्याज/मुआवजा भी दिया जाएगा। इससे ग्रामीण मजदूरों की आय बढ़ेगी और पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी।

गांवों के समग्र विकास पर रहेगा फोकस

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGP) तैयार की जाएगी, जिसके माध्यम से सड़क, जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण आधारभूत ढांचा, कृषि एवं आजीविका से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का समन्वय कर गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

ग्राम पंचायतों को मिलेगी अहम जिम्मेदारी

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पात्र परिवारों का पंजीकरण, रोजगार गारंटी कार्ड जारी करना, रोजगार उपलब्ध कराना, वार्षिक कार्ययोजना तैयार करना और विकास कार्यों का क्रियान्वयन ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराया जाएगा। योजना के तहत कम से कम 50 प्रतिशत कार्य ग्राम पंचायतों के जरिए कराए जाएंगे।

15 दिन में मिलेगा रोजगार गारंटी कार्ड


उन्होंने बताया कि आवेदन मिलने के 15 दिनों के भीतर रोजगार गारंटी कार्ड जारी किया जाएगा। कार्ड में परिवार के सदस्यों का विवरण, बैंक खाते की जानकारी, रोजगार का रिकॉर्ड, मजदूरी भुगतान, बेरोजगारी भत्ता और अन्य विवरण दर्ज होंगे। कार्ड की वैधता तीन वर्ष होगी।

समय पर मजदूरी नहीं मिली तो मिलेगा मुआवजा

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक पात्र परिवार को 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी। यदि समय पर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया तो बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। वहीं, मस्टर रोल बंद होने के 15 दिन बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं होने पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार विलंब मुआवजा दिया जाएगा।

AI, GPS और डिजिटल मॉनिटरिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता

योजना में बायोमेट्रिक उपस्थिति, GPS आधारित निगरानी, ऑनलाइन MIS, जियो-टैगिंग और डिजिटल मस्टर रोल जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इससे कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।

महिलाओं और कमजोर वर्गों को प्राथमिकता

योजना में कम से कम एक-तिहाई लाभार्थी महिलाएं होंगी। इसके अलावा एकल महिलाएं, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, ट्रांसजेंडर और अन्य कमजोर वर्गों को विशेष रोजगार गारंटी कार्ड जारी कर रोजगार आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी।

ठेकेदारी व्यवस्था पर रोक, श्रमिकों को मिलेगा सीधा लाभ

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि योजना के अधिकांश कार्य सीधे ग्राम पंचायतों और अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से कराए जाएंगे। ठेकेदारों की भूमिका सीमित रहेगी तथा श्रम आधारित कार्यों को प्राथमिकता देकर ग्रामीण युवाओं और मजदूरों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

कांग्रेस पर साधा निशाना

उपमुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में मनरेगा जैसी योजनाएं भ्रष्टाचार और बिचौलियों का माध्यम बन गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब मजदूरों का हक बीच में ही लूट लिया जाता था, जबकि नई व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीक आधारित निगरानी के जरिए लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

 

 

 

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