लखनऊ, कैनविज टाइम्स संवाददाता। विश्व पार्किंसन दिवस के अवसर पर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ के न्यूरोलॉजी विभाग द्वारा पार्किंसन रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु पार्किंसन रोग जागरूकता कार्यक्रम एवं मरीज डॉक्टर संवाद सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पार्किंसन रोग के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना, मरीजों और उनके देखभाल कर्ताओं को रोग की सही जानकारी प्रदान करना तथा उनके मन में उत्पन्न शंकाओं का समाधान करना था। कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी की। इस अवसर पर डॉ. अजय सिंह, डॉ. दिनकर एवं डॉ. अब्दुल(प्रोफेसर, न्यूरोलॉजी विभाग) तथा डॉ. रजनी(प्रोफेसर, फिजियोलॉजी विभाग) उपस्थित रहे और उन्होंने मरीजों एवं उनके परिजनों से संवाद किया। संवाद सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने पार्किंसन रोग के लक्षण, रोग की प्रगति तथा उपलब्ध उपचार पद्धतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मरीजों और उनके परिजनों को अपने अनुभव साझा करने तथा अपनी समस्याओं और शंकाओं को सीधे विशेषज्ञों से पूछने का अवसर मिला। चिकित्सकों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि रोग के बेहतर नियंत्रण एवं जटिलताओं की रोकथाम के लिए नियमित उपचार, समय-समय पर चिकित्सकीय परामर्श तथा दवाओं का नियमित सेवन अत्यंत आवश्यक है। साथ ही विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि योग, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली पार्किंसन रोग के मरीजों में चलने-फिरने की क्षमता, संतुलन तथा जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार करने में सहायक सिद्ध होती हैं। कार्यक्रम के माध्यम से मरीजों और उनके परिजनों को रोग के प्रति जागरूक बनाने, प्रारंभिक लक्षणों की पहचान को बढ़ावा देने तथा समन्वित एवं बहुविषयक उपचार पद्धति को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि पार्किंसन रोग के प्रभावी प्रबंधन के लिए मरीजों और उनके परिजनों का सजग, जागरूक और सक्रिय सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।

