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डॉक्टर अस्पताल का मस्तिष्क, तो नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ उसकी धड़कन हैं, बिना उनके स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था अधूरी है : डा. नीरज सिंह

बोरा इंस्टीट्यूट ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Dhirendra Mishra
  • Updated: February 28, 2026

• बोरा इंस्टीट्यूट ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज ने मनाया अपना वार्षिकोत्सव "अभिव्यक्ति-2026"

• अस्पताल केवल डॉक्टरों के प्रयास से नहीं चलता, बल्कि पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग कर्मियों और तकनीकी कर्मचारियों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है : डा. नीरज सिंह

लखनऊ, कैनविज टाइम्स संवाददाता। सीतापुर रोड स्थित प्रतिष्ठित नर्सिंग कॉलेज बोरा इंस्टीट्यूट ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज में शुक्रवार को वार्षिकोत्सव अभिव्यक्ति-2026 के अंतर्गत रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान तथा 18वीं लैम्प लाइटिंग एंड ओथ सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जीएनएम, एएनएम एवं बीएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों ने लेडी विद द लैंप के नाम से विख्यात फ्लोरेंस नाइटिंगेल से प्रेरणा लेते हुए मानव सेवा, करुणा, अनुशासन और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों के निर्वहन की शपथ ली। 

कार्यक्रम का शुभारंभ अटल बिहारी बाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डा. अजय देवगन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में मौजूद रहे मुख्य अतिथि भाजपा युवा नेता डा. नीरज सिंह ने युवाओं और शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि देश का भविष्य आज के युवाओं के सशक्त और सक्षम हाथों में सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है, इसलिए देश की दिशा और दशा निर्धारित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी के कंधों पर है। यदि युवा संकल्प, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें, तो भारत विश्व नेतृत्व की ओर तेजी से अग्रसर होगा। उन्होंने युवाओं को “युग का वाहक” बताते हुए कहा कि जिस दिशा में युवा शक्ति कदम बढ़ाती है, उसी दिशा में राष्ट्र और समाज का भविष्य आकार लेता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निष्ठा, परिश्रम और अनुशासन को जीवन का आधार बनाएं। ज्ञान अर्जन के साथ-साथ मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व को भी समान महत्व देने की आवश्यकता है। चिकित्सा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी अस्पताल केवल डॉक्टरों के प्रयास से नहीं चलता, बल्कि पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग कर्मियों और तकनीकी कर्मचारियों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। यदि डॉक्टर अस्पताल का मस्तिष्क हैं, तो नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ उसकी धड़कन हैं, जिनके बिना स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था अधूरी है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विद्यार्थियों से करुणा, धैर्य और सेवा भाव को अपने व्यक्तित्व का अभिन्न अंग बनाने का आग्रह किया।

भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे देश ने विश्व को योग और आयुर्वेद जैसी अमूल्य धरोहरें प्रदान की हैं। आज भारत चिकित्सा अनुसंधान, डिजिटल तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। भारतीय स्टार्टअप्स वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहे हैं और देश के युवा विश्व की अग्रणी कंपनियों में नेतृत्व की भूमिका निभाकर भारत का मान बढ़ा रहे हैं। यह बदलते भारत की नई तस्वीर है। विदेश जाने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए उन्होंने कहा कि वे केवल शिक्षा प्राप्त करने नहीं, बल्कि भारत के सांस्कृतिक दूत बनकर विदेश जा रहे हैं। वे अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नैतिक मूल्यों से यह सिद्ध करेंगे कि आज का भारत ज्ञान, नवाचार और नेतृत्व की भूमि है। वहीं अंत में मुख्य अतिथि ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए संस्थान के प्रबंधन, प्राध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान द्वारा आगे बढ़ाई जा रही शैक्षणिक परंपरा देश-विदेश में भारत का नाम और गौरव बढ़ाएगी। विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्होंने सभी से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय और समर्पित भूमिका निभाने का संदेश दिया।

 महाविद्यालय के संस्थापक एवं लखनऊ उत्तर के विधायक डा. नीरज बोरा ने स्वास्थ्य सेवा को मानवता की सर्वोच्च सेवा मानकर समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा देते हुए नर्सिंग छात्रों को शुभकामनाएं दीं। चेयरपर्सन बिन्दू बोरा ने नैतिक मूल्यों एवं अनुशासन की महत्ता पर बल दिया। 

वहीं प्राचार्य डॉ. शीला तिवारी ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ। उपशास्त्रीय संगीत, कव्वाली, बालीवुड फ्रीस्टाइल नृत्य, गरबा तथा विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘चार युग’ की नाट्य प्रस्तुति एवं नारी सशक्तीकरण पर केन्द्रित कार्यक्रम विशेष आकर्षण रहे। वहीं इस मौके पर समारोह में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सर्वाधिक उपस्थिति हेतु दिव्यांशी पाल, प्रज्ञा सिंह, लवली सिंह, अर्चना सिंह, आयुष कश्यप, साक्षी चौरसिया, सौरभ प्रजापति, पायल तिवारी, नीतीश कुमार साहू, डोली यादव, अंशिका यादव एवं सविता देवी को पुरस्कार प्रदान किए गए। सर्वाधिक अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं- प्रगति, शांभवी, ध्रुव शुक्ल, विंध्यवासिनी यादव, बिनू पाल, शिवानी सिंह, आस्था अवस्थी, गुलशेहरा खातून, प्रज्ञा, आदित्य कुमार गुप्ता, आर्यन मौर्य, शिवम यादव, उन्नति सिंह, तुबा खान, विष्णुकांत एवं आकाश पाठक को भी सम्मानित किया गया। इसी श्रृंखला में इस वर्ष शिवाजी हाउस को हाउस विनर घोषित किया गया। कैप्टन दीपा सिंह एवं वाइस कैप्टन अभिषेक कृष्ण को पुरस्कृत किया गया। खेल क्षेत्र में हेड बॉय राज एवं हेड गर्ल सबनूर बानो को सम्मानित किया गया, जबकि स्पेशल अवार्ड जानथन सिंह, अनिकेत मिश्रा एवं एल्हम फातिमा को प्रदान किया गया। इस अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. देवाशीष शुक्ल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एन.बी.सिंह, कार्यक्रम में बोरा ग्रुप के सीईओ वत्सल बोरा, प्रो. संध्या वर्मा, प्रो. कृतिका मिश्रा, प्रो. रजनी, प्रो. मोनिका सहित शिक्षकगण तथा सुभाष चौहान, सोनम मिश्रा, अमित तिवारी, शोभित कुमार एवं शशि यादव सहित शिक्षणेत्तर कर्मी उपस्थित रहे।

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