लखनऊ से महज 45 किमी दूर प्रकृति की नई सौगात, अगले ईको-पर्यटन सत्र में खुलेगा नियामतपुर ईको-टूरिज्म स्थल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित बाराबंकी के नियामतपुर वन क्षेत्र में विकसित किया जा रहा ईको-टूरिज्म प्रोजेक्ट अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। करीब 52.50 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस प्रोजेक्ट का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और इसे अगले ईको-पर्यटन सत्र में आम पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है।
यह नया पर्यटन स्थल प्रकृति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनेगा, जहां हरियाली, जैव विविधता और शांत वातावरण के बीच पर्यटक यादगार अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।
2 किलोमीटर लंबी नेचर ट्रेल बनेगी मुख्य आकर्षण
परियोजना के तहत लगभग 2 किलोमीटर लंबी नेचर ट्रेल विकसित की गई है, जहां पर्यटक घने वन क्षेत्र के बीच पैदल भ्रमण करते हुए विभिन्न प्रजातियों के पेड़-पौधों, पक्षियों और समृद्ध जैव विविधता को करीब से देख सकेंगे। यह ट्रेल प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
पर्यटकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
नियामतपुर ईको-टूरिज्म स्थल पर पर्यटकों की सुविधा के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं, जिनमें शामिल हैं—
- 2 किलोमीटर लंबी नेचर ट्रेल
- आधुनिक हाट
- स्वच्छ शौचालय
- आकर्षक सेल्फी प्वाइंट
- भव्य मुख्य प्रवेश द्वार
- नाले पर ओवर ब्रिज
- सूचना एवं जागरूकता से जुड़े साइन बोर्ड
इन साइन बोर्डों के माध्यम से पर्यटकों को वन क्षेत्र की जैव विविधता, विभिन्न वनस्पतियों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी मिलेगी।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने क्या कहा?
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में ईको-टूरिज्म को नई पहचान देने और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का सतत विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि नियामतपुर ईको-टूरिज्म प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद यह स्थल पर्यटकों को सुरक्षित, प्राकृतिक और यादगार अनुभव प्रदान करेगा। इससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और प्रदेश की पर्यटन अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
डीएफओ ने बताई परियोजना की खासियत
डीएफओ बाराबंकी आकाश दीप बधावन ने बताया कि यह परियोजना प्रकृति संरक्षण और पर्यटन विकास का बेहतरीन उदाहरण बनेगी। यहां विकसित सुविधाओं के माध्यम से पर्यटक वन क्षेत्र की जैव विविधता और प्राकृतिक वातावरण को करीब से समझ सकेंगे। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
यह परियोजना केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के प्रति जागरूकता और स्थानीय समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना पूरी होने के बाद नियामतपुर ईको-टूरिज्म स्थल बाराबंकी और आसपास के क्षेत्रों में प्रकृति आधारित पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
