लखनऊ। विश्व ग्राम्य विकास दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेशवासियों, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों, किसानों, महिलाओं, युवाओं तथा ग्राम्य विकास से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर गाँव ही विकसित भारत तथा विकसित उत्तर प्रदेश की सबसे मजबूत नींव हैं।

उन्होंने कहा कि विश्व ग्राम्य विकास दिवस ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी, संतुलित और सतत विकास के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। इस दिवस का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों से गरीबी और भुखमरी का उन्मूलन, प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना तथा 'जीरो हंगर (Zero Hunger)' के लक्ष्य को प्राप्त करना है।
2030 के सतत विकास लक्ष्यों को गांवों तक पहुंचाना जरूरी
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2030 तक निर्धारित सतत विकास लक्ष्य (SDGs) तभी सफल होंगे, जब उनका लाभ गांवों के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक उन्नति जैसे क्षेत्रों में प्रभावी कार्य करना आवश्यक है।
महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार पर विशेष जोर
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ग्रामीण समुदायों, विशेषकर महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों का आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण ग्राम्य विकास की आधारशिला है। स्वयं सहायता समूह (SHGs), कौशल विकास कार्यक्रम, स्वरोजगार योजनाएं और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर लाखों परिवारों की आजीविका मजबूत की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर गांव ही आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेंगे।
कृषि को लाभकारी बनाने पर सरकार का फोकस
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाएं, कृषि यंत्रीकरण, वैज्ञानिक खेती और बेहतर विपणन व्यवस्था उपलब्ध कराकर कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी।
गांवों में आधुनिक सुविधाओं का तेजी से हो रहा विस्तार
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पक्की सड़कें, निर्बाध बिजली, स्वच्छ पेयजल, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं और डिजिटल सुविधाओं का विस्तार गांवों के विकास को नई दिशा दे रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है, ताकि गांवों में भी शहरी क्षेत्रों जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
डिजिटल समावेशन से मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि डिजिटल साक्षरता, बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सरकारी सेवाओं की उपलब्धता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था अधिक पारदर्शी और सशक्त बन रही है। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और समयबद्ध तरीके से लाभार्थियों तक पहुंच रहा है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को मिली नई गति
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उत्तर प्रदेश सरकार भी ग्रामीण अधोसंरचना, रोजगार सृजन, कृषि विकास, महिला सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूहों को मजबूत बनाने, डिजिटल सेवाओं के विस्तार और ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि विश्व ग्राम्य विकास दिवस के अवसर पर सभी लोग समृद्ध, स्वावलंबी, स्वच्छ, शिक्षित और विकसित गांवों के निर्माण का संकल्प लें।
उन्होंने कहा, "जब गांव आगे बढ़ेंगे, तभी उत्तर प्रदेश और भारत विश्व के अग्रणी राष्ट्रों की श्रेणी में और अधिक मजबूती से स्थापित होंगे।"
