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वीबी-जी-राम-जी योजना: उत्तर प्रदेश को पहली किस्त में मिले 3,210.76 करोड़ रुपये, केशव मौर्य ने जताया केंद्र का आभार

वीबी-जी-राम-जी योजना के तहत उत्तर प्रदेश को पहली किस्त में 3,210.76 करोड़ रुपये आवंटित। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया और अधिकारियों को पारदर्शी व समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: July 5, 2026

वीबी-जी-राम-जी योजना के तहत केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश को बड़ी सौगात दी है। योजना की पहली किस्त में प्रदेश को 3,210.76 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है, जो देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक आवंटन है। यह घोषणा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में रविवार को आयोजित ऑनलाइन समीक्षा बैठक में की गई। देशभर के राज्यों के लिए कुल 25,869.06 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई है।

बैठक में उत्तर प्रदेश की ओर से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी, उपायुक्त (मनरेगा) नागेंद्र मोहन त्रिपाठी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए।

बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक धनराशि उपलब्ध कराने पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस राशि से प्रदेश में ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना के विकास को नई गति मिलेगी तथा गांवों में विकास कार्यों को मजबूती मिलेगी।

125 दिन रोजगार और 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी का लक्ष्य

बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए कि वीबी-जी-राम-जी योजना के माध्यम से प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को कम से कम 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को न्यूनतम 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलेगी और मजदूरी भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता समयबद्ध और पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित करना है। साथ ही योजना के प्रभावी संचालन के लिए आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग पर भी जोर दिया गया।

केशव मौर्य ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम विकास विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्टेट लिंक्ड स्कीम के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों की मैपिंग शीघ्र पूरी कर भुगतान प्रक्रिया तेज की जाए।

उन्होंने श्रमांश, सामग्री मद और प्रशासनिक व्यय के लिए अलग-अलग बैंक खाते तत्काल खोलने के निर्देश दिए, ताकि वित्तीय प्रबंधन पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित रहे। साथ ही चेतावनी दी कि वित्तीय अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जीआईएस और पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म से होगी निगरानी

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए जीआईएस आधारित तकनीक, पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म और अन्य डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचनाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने सभी जिलों में विकास कार्यों की नियमित समीक्षा और ब्लॉक स्तर पर स्थलीय निरीक्षण कराने के निर्देश भी दिए।

कमजोर वर्गों को मिलेगी प्राथमिकता

केशव प्रसाद मौर्य ने निर्देश दिए कि एकल महिलाओं, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर समुदाय तथा अन्य कमजोर एवं वंचित वर्गों को विशेष रोजगार गारंटी कार्ड जारी कर प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए, ताकि समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

 

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