कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। दिल्ली हाई कोर्ट ने राऊज एवेन्यू कोर्ट के बार एसोसिएशन द्वारा सेंट्रल दिल्ली कोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव को निरस्त करने की मांग वाली याचिकाओं पर निर्वाचन अधिकारी और तदर्थ कमेटी को नोटिस जारी किया है। जस्टिस मिनी पुष्करणा ने निर्वाचन अधिकारी और तदर्थ कमेटी को एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है, और मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
सुनवाई के दौरान, सेंट्रल दिल्ली कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने वाले याचिकाकर्ताओं, सुनील कुमार और एनए सेबेस्टियन के वकील रविंद्र एस गरिया ने तर्क रखा कि चुनाव की तिथि तक मतदाता सूची का प्रकाशन नहीं किया गया था। उनका कहना था कि जब मतदाता सूची ही नहीं प्रकाशित हुई, तो चुनाव की पूरी प्रक्रिया का कोई औचित्य नहीं बनता। इस आधार पर उन्होंने चुनाव को निरस्त करने की मांग की।
साथ ही, सेंट्रल दिल्ली कोर्ट बार एसोसिएशन के सेक्रेटरी पद के लिए चुनाव लड़ने वाले संजीव शर्मा ने भी शिकायत की कि निर्वाचन अधिकारी रविंद्र कुमार रायजादा चुनाव से मात्र दस दिन पहले नियुक्त हुए थे और उन्हें चुनाव कराने का कोई अनुभव नहीं था, जिसके कारण चुनाव में व्यापक धांधली हुई। उनका कहना था कि चुनाव के दौरान जितने वोट पड़ने की घोषणा की गई, उससे ज्यादा वोटों की गिनती की गई। उन्होंने यह भी बताया कि मतदान 21 मार्च को रात 7:40 बजे तक चले थे।
दिल्ली हाई कोर्ट समेत अन्य अदालतों में बार एसोसिएशन के चुनाव 21 मार्च को आयोजित किए गए थे, जिनमें धांधली, अव्यवस्था और बदइंतजामी की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। कड़कड़डूमा कोर्ट और साकेत कोर्ट में तो चुनाव निरस्त कर दिए गए हैं, और इन मामलों की सुनवाई अभी हाई कोर्ट में लंबित है।