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इटावा का सुमेर सिंह किला बनेगा नया ईको-टूरिज्म हब, 1.44 करोड़ की परियोजना से संवरेगा स्वरूप

"इटावा के सुमेर सिंह किला को 1.44 करोड़ की लागत से ईको-टूरिज्म हब बनाया जाएगा, जानें पूरी परियोजना की डिटेल।"
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: July 17, 2026

इटावा का सुमेर सिंह किला बनेगा नया ईको-टूरिज्म हब, 1.44 करोड़ की परियोजना से संवरेगा स्वरूप

लखनऊ/इटावा। इटावा के ऐतिहासिक सुमेर सिंह किला क्षेत्र को अब आकर्षक ईको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के जरिए क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नया आयाम मिलेगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि करीब 1.44 करोड़ रुपए की इस परियोजना के लिए 1.08 करोड़ रुपए की धनराशि पहले ही जारी की जा चुकी है।

मंत्री के अनुसार, इस पहल का मकसद क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखते हुए पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराना और प्रकृति के अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देना है।

परियोजना के तहत क्या-क्या होगा काम

  • 400 वर्ग मीटर क्षेत्र में ग्रीन पेवर ब्लॉक निर्माण
  • वेल डेवलपमेंट और बैठने के स्थानों के आसपास सघन पौधरोपण
  • वर्षा जल संरक्षण के लिए विशेष व्यवस्था
  • सुरक्षा हेतु अग्रभाग की मजबूत दीवार और आकर्षक रेलिंग
  • आधुनिक फूड कोर्ट, जहां पर्यटक स्थानीय व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे

इतिहास और आधुनिकता का संगम

परिसर में पर्यटकों की सुविधा के लिए स्टोन साइनेज और थीम आधारित बेंच लगाई जाएंगी, जो स्थल के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व की जानकारी देंगी। स्थानीय विरासत को जीवंत करने के लिए थीम पेंटिंग वॉल और भव्य प्रवेश द्वार भी बनाए जाएंगे।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उठाए जा रहे कदम:

  • अपशिष्ट प्रबंधन के लिए FRP बायो-डाइजेस्टर
  • ऊर्जा संरक्षण हेतु सोलर लाइटिंग व्यवस्था, जिससे रात में भी परिसर सुरक्षित और रोशन रहेगा

मंत्री जयवीर सिंह का बयान

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य सिर्फ पर्यटन स्थलों का विकास करना नहीं, बल्कि उन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना भी है। उन्होंने कहा कि सुमेर सिंह किला परियोजना हरित विकास और आधुनिक सुविधाओं के संतुलित समावेश का उदाहरण है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे और इटावा की पर्यटन पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलेगी।

निर्माण कार्य अंतिम चरण में

मंत्री ने बताया कि परियोजना तेजी से पूर्णता की ओर बढ़ रही है। वेस्ट फेसिंग बैंक्वेट हॉल, अत्याधुनिक पाथवे और रेस्टोरेंट ब्लॉक-1 का निर्माण कार्य करीब 50 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इन सुविधाओं के शुरू होते ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक ही परिसर में बेहतर आतिथ्य, सुगम आवागमन और गुणवत्तापूर्ण खानपान का अनुभव मिलेगा।

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