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पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने एडवांस डेलिगेशन के साथ की समीक्षा बैठक, वाराणसी, आगरा और लखनऊ की संस्कृति, खानपान और विरासत से रूबरू होंगे जापानी मेहमान।

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग जापान के यामानाशी प्रांत से 18-23 अगस्त 2026 के बीच आने वाले 200 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के स्वागत की तैयारी कर रहा है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने एडवांस डेलिगेशन के साथ बैठक कर सांस्कृतिक और पर्यटन कार्यक्रमों की समीक्षा की।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: July 16, 2026

जापान के यामानाशी प्रांत से अगस्त में आएगा 200 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, यूपी पर्यटन विभाग ने तैयारियां तेज कीं

कैनविज टाइम्स संवाददाता | लखनऊ

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग 18 से 23 अगस्त 2026 तक जापान के यामानाशी प्रांत से आने वाले लगभग 200 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के स्वागत की तैयारियों में जुट गया है। प्रतिनिधिमंडल के आगमन से पहले यामानाशी प्रांत का एक एडवांस डेलिगेशन (अग्रिम दल) तैयारियों का जायजा लेने लखनऊ पहुंचा, जहां पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के साथ विस्तृत बैठक आयोजित की गई।

बैठक में प्रस्तावित यात्रा कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजनों और पर्यटन गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उत्तर प्रदेश और जापान के बीच पर्यटन एवं सांस्कृतिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई।

वाराणसी, आगरा और लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होंगे जापानी मेहमान

पर्यटन विभाग ने प्रतिनिधिमंडल के लिए ऐसा कार्यक्रम तैयार किया है, जिसमें केवल ऐतिहासिक स्मारकों का भ्रमण ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति, परंपराएं, संगीत, नृत्य, स्थानीय व्यंजन और अतिथि सत्कार का भी विशेष अनुभव कराया जाएगा।

यात्रा का मुख्य केंद्र वाराणसी होगा, जहां प्रतिनिधिमंडल गंगा आरती, गंगा क्रूज़, पारंपरिक संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और स्थानीय खानपान का आनंद लेगा।

इसके अलावा आगरा में जापानी मेहमानों का ब्रज शैली में पारंपरिक स्वागत किया जाएगा, ताकि वे ताजमहल के साथ-साथ ब्रज संस्कृति और स्थानीय लोक परंपराओं से भी परिचित हो सकें।

'भारत-जापान के सांस्कृतिक संबंध सदियों पुराने' – जयवीर सिंह

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश और जापान के बीच सांस्कृतिक संबंध सदियों पुराने हैं, जिन्हें पर्यटन के माध्यम से और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा,

"हमारा उद्देश्य केवल पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की संस्कृति, परंपरा, लोकजीवन और मेहमाननवाज़ी का ऐसा अनुभव कराना है, जिसे पर्यटक जीवनभर याद रखें। जब पर्यटक सकारात्मक अनुभव लेकर लौटते हैं, तो वे हमारे सबसे बड़े सांस्कृतिक राजदूत बन जाते हैं।"

30 मिनट की डॉक्यूमेंट्री और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर चर्चा

बैठक में उत्तर प्रदेश और जापान के बीच पर्यटन सहयोग बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

इनमें प्रमुख रूप से—

  • जापानी दर्शकों के लिए उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर 30 मिनट की डॉक्यूमेंट्री तैयार करना।
  • फिल्म बंधु के सहयोग से उत्तर प्रदेश की वैश्विक ब्रांडिंग।
  • दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम बढ़ाना।
  • जापानी मीडिया के माध्यम से उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार।
  • पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना।

जापानी प्रतिनिधिमंडल ने तैयारियों की सराहना की

यामानाशी प्रांत के अग्रिम दल ने उत्तर प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग द्वारा की गई तैयारियों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि अगस्त में होने वाला यह दौरा दोनों क्षेत्रों के बीच पर्यटन, संस्कृति और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देगा।

प्रतिनिधियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाबद्ध तैयारी और गर्मजोशी भरा स्वागत इस यात्रा को यादगार बनाएगा।

अवधी व्यंजनों से कराया गया स्वागत

बैठक का समापन पारंपरिक अवधी लंच के साथ हुआ, जिसमें शाही टुकड़ा सहित लखनऊ के प्रसिद्ध व्यंजन परोसे गए।

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल को यूनेस्को क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी के रूप में लखनऊ की पहचान और उसकी समृद्ध खानपान संस्कृति से भी परिचित कराया गया।

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