यूपी मेट्रो द्वारा हर साल 62 लाख लीटर जल का संरक्षण, 'ग्रीन मेट्रो, क्लीन मेट्रो' विजन को साकार कर रहा UPMRC
लखनऊ। "ग्रीन मेट्रो, क्लीन मेट्रो" के विजन को साकार करते हुए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) जल संरक्षण को बढ़ावा दे रहा है। मेट्रो परियोजनाओं की योजना, निर्माण और संचालन में अपनाए गए वर्षा जल संचयन, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण और जल प्रबंधन उपायों के जरिए ताजे जल की खपत कम की जा रही है तथा जल संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग से सालाना 62 लाख लीटर जल संरक्षण
UPMRC ने लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो नेटवर्क में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए हैं, जिनसे प्रतिवर्ष लगभग 62 लाख लीटर जल संरक्षण होता है। यह प्रणाली भूजल पुनर्भरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अपशिष्ट जल का पुनर्चक्रण — ट्रेन धुलाई और बागवानी में उपयोग
मेट्रो डिपो में स्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के माध्यम से अपशिष्ट जल का उपचार कर उसे निम्न कार्यों में पुनः उपयोग किया जाता है:
- ट्रेन धुलाई
- डिपो रखरखाव
- बागवानी कार्य
इससे ताजे जल पर निर्भरता कम होती है।
सेंसर आधारित यूरिनल फ्लशिंग और हरित परिदृश्य विकास
मेट्रो स्टेशनों पर सेंसर आधारित यूरिनल फ्लशिंग सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों की सुविधा बनाए रखते हुए जल उपयोग को अनुकूलित किया जा रहा है।
लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो नेटवर्क में UPMRC ने 1.1 लाख वर्गमीटर से अधिक हरित परिदृश्य (ग्रीन लैंडस्केप) विकसित किया है। इन क्षेत्रों की सिंचाई उपचारित जल से की जाती है।
"जल संरक्षण सतत शहरी विकास का अहम हिस्सा" : सुशील कुमार, MD, UPMRC
इस अवसर पर UPMRC के प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार ने कहा कि जल संरक्षण सतत शहरी विकास का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने बताया कि वर्षा जल संचयन, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण और कुशल जल प्रबंधन प्रणालियों के जरिए UPMRC जल संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है, साथ ही सुरक्षित, विश्वसनीय और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन भी उपलब्ध करा रहा है।
देश का पहला IGBC प्लैटिनम प्रमाणित मेट्रो संगठन
UPMRC देश का पहला मेट्रो रेल संगठन है, जिसे लखनऊ, कानपुर और आगरा के सभी 48 परिचालन मेट्रो स्टेशनों के लिए IGBC प्लैटिनम ग्रीन बिल्डिंग प्रमाणन प्राप्त हुआ है।
20 करोड़ से अधिक यात्रा, 8 करोड़ लीटर ईंधन की बचत
मेट्रो संचालन शुरू होने के बाद से UPMRC ने निम्न उपलब्धियां हासिल की हैं:
- 20 करोड़ से अधिक यात्री यात्राओं को सुगम बनाया
- लगभग 8 करोड़ लीटर ईंधन की बचत
- लगभग 2 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी
यह स्वच्छ एवं सतत शहरी परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में UPMRC का अहम योगदान है।
