यूपी रेरा ने आठ जिलों की 15 रियल एस्टेट परियोजनाओं को दी मंजूरी, ₹4826 करोड़ का निवेश तय
लगभग 5303 आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयां होंगी विकसित, गौतमबुद्ध नगर में सबसे अधिक निवेश और इकाइयों को मंजूरी
लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने प्रदेश के आठ जिलों की 15 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। इन परियोजनाओं में कुल अनुमानित निवेश ₹4826.31 करोड़ है और इनके माध्यम से करीब 5303 आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयों का विकास किया जाएगा। इस मंजूरी से प्रदेश में नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा मिलने के साथ ही रियल एस्टेट क्षेत्र को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
यह मंजूरी यूपी रेरा मुख्यालय में आयोजित प्राधिकरण की 206वीं बैठक में दी गई, जिसकी अध्यक्षता यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने की। बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सभी परियोजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्राधिकरण ने पारदर्शी, नियमानुसार और समयबद्ध विकास सुनिश्चित करने के साथ-साथ घर खरीददारों के हितों की सुरक्षा और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता एक बार फिर दोहराई है।
मंजूर की गई परियोजनाओं में आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित श्रेणी—तीनों तरह की परियोजनाएं शामिल हैं, जो राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बेहतर आवास और आधुनिक व्यावसायिक सुविधाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने में मददगार साबित होंगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी परियोजनाएं रेरा अधिनियम के प्रावधानों और तय समय-सीमा के अनुरूप ही पूरी हों।
किस जिले में कितनी परियोजनाएं और कितना निवेश
निवेश और विकसित होने वाली इकाइयों के लिहाज से गौतमबुद्ध नगर पहले स्थान पर रहा।
| जिला | परियोजनाओं की संख्या | अनुमानित निवेश | इकाइयां |
|---|---|---|---|
| गौतमबुद्ध नगर | 3 (आवासीय, व्यावसायिक व मिश्रित) | ₹3275.70 करोड़ | 2565 |
| लखनऊ | 4 (आवासीय) | ₹562.96 करोड़ | 1276 |
| गाजियाबाद | 3 (2 आवासीय, 1 व्यावसायिक) | ₹557.40 करोड़ | 636 |
| वाराणसी | 1 (आवासीय) | ₹275.84 करोड़ | 236 |
| प्रयागराज | 1 (आवासीय) | ₹71.51 करोड़ | 180 |
| बागपत | 1 (आवासीय) | ₹38.69 करोड़ | 206 |
| बुलंदशहर | 1 (आवासीय) | ₹25.58 करोड़ | 174 |
| अलीगढ़ | 1 (आवासीय) | ₹18.63 करोड़ | 30 |
गौतमबुद्ध नगर में मंजूर तीन परियोजनाओं में से एक-एक आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित श्रेणी की है, जिससे शहर में आवासीय और व्यावसायिक—दोनों तरह की जरूरतें पूरी होंगी। वहीं लखनऊ में मंजूर हुई चार आवासीय परियोजनाओं में फ्लैट, विला और प्लॉट स्पेस तीनों शामिल हैं, जिससे जिले की आवासीय गतिविधियों को और रफ्तार मिलेगी। गाजियाबाद में दो आवासीय और एक व्यावसायिक परियोजना को मंजूरी मिली है।
आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति, रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
इन परियोजनाओं में ₹4826.31 करोड़ के निवेश से प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। निर्माण कार्य के दौरान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके साथ ही निर्माण सामग्री, इंजीनियरिंग सेवाओं, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और अन्य संबंधित क्षेत्रों की मांग में भी बढ़ोत्तरी होगी, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
पारदर्शी और विश्वसनीय नियामक व्यवस्था पर जोर
यूपी रेरा रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों के पालन को लगातार प्राथमिकता देता रहा है। परियोजनाओं की सरल और समयबद्ध मंजूरी के साथ-साथ पंजीकृत परियोजनाओं की नियमित निगरानी के जरिए प्राधिकरण का मकसद घर खरीददारों के हितों की रक्षा करते हुए जिम्मेदार और व्यवस्थित विकास को बढ़ावा देना है। ताजा मंजूरियां भी इसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही हैं।
अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी का बयान
परियोजनाओं को मंजूरी मिलने पर यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्राधिकरण रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह नियामक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि समयबद्ध परियोजना मंजूरी और प्रभावी निगरानी से प्रमोटर और घर खरीददार दोनों के लिए बेहतर व भरोसेमंद माहौल तैयार हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यूपी रेरा आगे भी रेरा अधिनियम के प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेगा, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करेगा और प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र के संतुलित व सतत विकास को बढ़ावा देता रहेगा।
