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राज्य संरक्षित 8 स्मारकों के जीर्णोद्धार के लिए योगी सरकार ने जारी किए 14.81 करोड़ रुपये

यूपी पुरातत्व विभाग ने झांसी, ललितपुर, फिरोजाबाद, शामली और लखनऊ के 8 राज्य संरक्षित स्मारकों के वृहद अनुरक्षण हेतु 14 करोड़ 81 लाख रुपये अवमुक्त किए। जानें पूरी जानकारी।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: July 17, 2026

राज्य संरक्षित 8 स्मारकों के जीर्णोद्धार के लिए 14 करोड़ 81 लाख रुपये अवमुक्त, जयवीर सिंह बोले- "प्राचीन स्मारक हमारी सांस्कृतिक चेतना के केंद्र"

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्य पुरातत्व विभाग के अंतर्गत आने वाले 08 राज्य संरक्षित स्मारकों के वृहद अनुरक्षण (बड़े स्तर पर मरम्मत एवं संरक्षण) कार्य के लिए सरकार ने बड़ी सौगात दी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में प्राविधानित कुल 14 करोड़ 81 लाख 81 हजार 200 रुपये की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है। यह राशि कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल के माध्यम से जैन विद्या शोध संस्थान, लखनऊ के खाते में जमा करा दी गई है।

इस धनराशि से झांसी, ललितपुर, फिरोजाबाद, शामली और लखनऊ में स्थित ऐतिहासिक स्मारकों का जीर्णोद्धार किया जाएगा।

किस स्मारक को कितनी धनराशि मिली?

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए स्मारकवार बजट का विवरण साझा किया:

स्मारकजनपदस्वीकृत धनराशि
डिमरौनी गढ़ीझांसी₹3 करोड़ 46 लाख 51 हजार 520
ठाकुरपुरा गढ़ीझांसी₹4 करोड़ 88 लाख 98 हजार 80
मर्दनसिंह की बैठकललितपुर₹1 करोड़ 42 लाख 65 हजार 860
लक्षमणगढ़ मन्दिर, पिपराईललितपुर₹55 लाख 40 हजार 920
रणक्षोण मन्दिर, धोजारीललितपुर₹28 लाख 55 हजार
चन्द्रवाड़ का किलाफिरोजाबाद₹1 करोड़ 60 लाख 69 हजार
प्राचीन गुम्बदशामली₹1 करोड़ 70 लाख 20 हजार
बड़ा शिवालालखनऊ₹88 लाख 88 हजार

"सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना हमारा लक्ष्य" - जयवीर सिंह

मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि ये सभी स्मारक पुरातात्विक महत्व के हैं और अनूठी शैली में निर्मित होने के साथ-साथ स्थापत्य कला के अद्भुत नमूने हैं। उन्होंने बताया कि इन स्मारकों के संरक्षण का उद्देश्य भावी पीढ़ी को सांस्कृतिक चेतना और गौरव की अनुभूति कराना है।

उन्होंने आगे कहा कि इन ऐतिहासिक इमारतों को आकर्षक स्वरूप देकर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ-साथ यहां बुनियादी सुविधाएं भी सुलभ कराई जाएंगी।

प्रदेशभर में चल रहा है विरासत संरक्षण अभियान

जयवीर सिंह के अनुसार, पूरे उत्तर प्रदेश में प्राचीन स्मारकों, किलों, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक महत्व की इमारतों को सहेजने का कार्य लगातार जारी है। इन स्मारकों से आसपास रहने वाले लोगों की स्मृतियां भी जुड़ी हुई हैं। इस तरह राज्य सरकार अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए इसे आम जनता के उपयोग के लिए प्रस्तुत करने का प्रयास कर रही है।

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