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वाराणसी में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में 'पंच सम्मेलन', 4 राज्यों के 500 ग्राम प्रधान हुए शामिल

वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में 'पंच सम्मेलन' आयोजित। वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025, महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना और 125 दिन रोजगार गारंटी पर हुआ मंथन। पढ़ें पूरी खबर।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: July 17, 2026

वाराणसी में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में भव्य 'पंच सम्मेलन', चार राज्यों के 500 ग्राम प्रधान हुए शामिल

वाराणसी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में वाराणसी स्थित रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आज 'पंच सम्मेलन' का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने की।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य 'वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025' के प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों की संस्थागत क्षमता को मजबूत करना तथा पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित एवं जागरूक करना था।

चार राज्यों से पहुंचे 500 ग्राम पंचायत प्रधान

सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड से कुल लगभग 500 ग्राम पंचायत प्रधानों ने भागीदारी की:

राज्यभाग लेने वाले प्रधान
उत्तर प्रदेश350
बिहार75
झारखंड50
उत्तराखंड25

स्वयं सहायता समूहों की प्रदर्शनी का अवलोकन

उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया, जिनमें शामिल रहे:

  • काशी प्रेरणा कैण्टीन — संचालन व्यवस्था की जानकारी ली
  • रबर चप्पल निर्माण इकाई — पूरी उत्पादन प्रक्रिया देखी
  • महिला सूट स्टॉल — परिधानों की गुणवत्ता की सराहना की
  • वाराणसी लाल भरवा मिर्च स्टॉल — बिक्री एवं बाजार मांग की जानकारी ली

उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दे रहे हैं और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बन रहे हैं।

मुख्य घोषणाएं और योजनाएं

1. वीबी-जी राम जी योजना — मजदूरी सीधे खाते में

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत श्रमिकों की मजदूरी पूर्ण पारदर्शिता के साथ डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे बैंक खातों में पहुंचेगी। प्रमुख प्रावधान:

  • 125 दिन का वैतनिक रोजगार (पहले 100 दिन था)
  • रोजगार मांगने के 15 दिनों के भीतर काम देना अनिवार्य, नहीं तो बेरोजगारी भत्ता
  • देर से भुगतान पर 0.05% प्रतिदिन मुआवजा
  • गांव से 5 किमी से अधिक दूरी पर काम करने पर 10% अतिरिक्त मजदूरी
  • जल सुरक्षा, ग्रामीण सड़कों और आजीविका ढांचे को प्राथमिकता

2. महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना

समूह की दीदियों को स्वरोजगार व लघु उद्योग विस्तार हेतु सीधे ₹20,000 तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

3. पीएम गति शक्ति पोर्टल

गांवों की सड़कों, तालाबों, सार्वजनिक परिसंपत्तियों और विकास कार्यों का पूरा विवरण पोर्टल पर उपलब्ध रहेगा, जिससे दोबारा भुगतान व अनियमितता की संभावना समाप्त होगी।

"एक पेड़ माँ के नाम" अभियान से जुड़ने का आह्वान

उप मुख्यमंत्री ने मंच से प्रदेशवासियों से अपील की कि हर नागरिक अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाए और उसके संरक्षण का संकल्प ले, ताकि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के लिए जन-आंदोलन का रूप ले सके।

प्रधानमंत्री को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान

अपने संबोधन में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व के करीब 35 देशों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है, जिसे उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान बताया। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीति को दोहराते हुए पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन पर बल दिया।

पुस्तक विमोचन और विशेषज्ञ सत्र

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की पुस्तक का विमोचन भी किया। इसके अलावा:

  • जीआईजेड (GIZ) द्वारा ग्राम पंचायत विकास योजना (DGPDP) पर प्रस्तुति
  • प्रदान (PRADAN) द्वारा ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण के सफल मॉडलों पर प्रस्तुति
  • एनआईआरडीपीआर द्वारा पंचायत प्रधानों के नेतृत्व, सुशासन एवं अधिनियम क्रियान्वयन पर विशेष सत्र

कार्यक्रम में रहे विशिष्ट अतिथि

इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हंसराज विश्वकर्मा, विधान परिषद सदस्य धर्मेन्द्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव एवं त्रिभुवन राम, डॉ. सुनील पटेल, ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी, संयुक्त सचिव रोहिणी आर. भाजीभाकरे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्राम पंचायत प्रधान उपस्थित रहे।

सम्मेलन में यह विश्वास व्यक्त किया गया कि 'पंच सम्मेलन' ग्राम पंचायतों को अधिक सक्षम, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने और 'विकसित ग्राम–विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

 

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