लखनऊ: 'झुग्गी पाठशाला' के तीसरे वर्ष का शुभारंभ, 100 जरूरतमंद बच्चों को मिली निःशुल्क शिक्षा सामग्री
लखनऊ। शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें बेहतर भविष्य की राह दिखाने के उद्देश्य से संचालित 'झुग्गी पाठशाला' के तीसरे वर्ष का शुभारंभ रविवार को हरदोई रोड स्थित छिन्दोइया खेड़ा में उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम के दौरान लगभग 100 जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क स्कूल बैग, पुस्तकें, कॉपियां, नई यूनिफॉर्म (ड्रेस) तथा अन्य शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है।
वर्ष 2017 से सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय संस्था
आयोजक संस्था वर्ष 2017 से शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक एकता और नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। संस्था द्वारा वर्ष 2024 में शुरू की गई 'झुग्गी पाठशाला' पहल का उद्देश्य मलिन बस्तियों और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाना और उनके भविष्य को नई दिशा देना है।
"शिक्षा ही सबसे बड़ा परिवर्तन का माध्यम"
संस्था के संस्थापक नावेद अहमद ने कहा कि शिक्षा बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को समान अवसर मिलना चाहिए। यदि उचित शिक्षा, मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो झुग्गी में रहने वाला बच्चा भी भविष्य में आईएएस, आईपीएस सहित विभिन्न उच्च पदों तक पहुंच सकता है।
उन्होंने बताया कि संस्था राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ शिक्षा के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाने का कार्य कर रही है।
राज्यपाल के आशीर्वाद से शुरू हुई थी पहल
नावेद अहमद ने बताया कि 'झुग्गी पाठशाला' की शुरुआत उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के शुभ आशीर्वाद से हुई थी। आज यह अभियान अनेक जरूरतमंद बच्चों के जीवन में शिक्षा की नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार कर रहा है।
कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
कार्यक्रम में पूर्व पुलिस उप महानिरीक्षक उदय प्रताप सिंह, पूर्व अपर पुलिस महानिदेशक रामेश्वर दयाल, मोहम्मद अली साहिल, प्रो. साउदुल हसन, मोहसिन हयात, उबैद अहमद सहित शहर की अनेक गणमान्य हस्तियों ने सहभागिता की। सभी अतिथियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और संस्था द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों को नियमित शिक्षा से जुड़े रहने, अपने सपनों को साकार करने और समाज के जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं उपस्थित अतिथियों ने समाज के सक्षम लोगों से भी इस प्रकार की शिक्षा संबंधी पहलों में सहयोग करने की अपील की।
