भारी बारिश के बीच जनसैलाब ने किया मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत
लखनऊ के गोमती नगर एक्सटेंशन (सेक्टर-7), शहीद पथ स्थित उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) के नवीन एवं अत्याधुनिक मुख्यालय का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस मौके पर भारी बारिश के बावजूद हजारों की संख्या में क्षेत्रवासी, भाजपा कार्यकर्ता और आम नागरिक मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए उमड़ पड़े। पूरे मार्ग पर पुष्पवर्षा और जयघोष के बीच जनता ने अपने नेतृत्व के प्रति गहरा विश्वास और स्नेह प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम में मौजूद रहीं ये बड़ी हस्तियां
इस भव्य आयोजन में प्रदेश के कई वरिष्ठ मंत्री, अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए:
- वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा लखनऊ प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना
- राज्यमंत्री (राजस्व) सुरेन्द्र दिलेर
- लखनऊ महापौर सुषमा खर्कवाल
- मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल
- पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण
- प्रमुख सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) अपर्णा यू.
- UPSDMA उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेन्द्र डिमरी
रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार हुआ भवन
इस भवन की खास बात यह है कि इसका शिलान्यास खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1 जून 2023 को किया था, और अब उन्हीं के नेतृत्व में इसका लोकार्पण भी हुआ। रिकॉर्ड समय में निर्माण पूरा होना प्रदेश सरकार की समयबद्ध कार्यसंस्कृति और परिणामोन्मुख प्रशासन की मिसाल माना जा रहा है।
जानिए UPSDMA मुख्यालय की खासियतें
आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत स्थापित UPSDMA प्रदेश में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए काम करने वाली शीर्ष संस्था है। इसका नया मुख्यालय कई मायनों में अत्याधुनिक है:
| विशेषता | जानकारी |
|---|---|
| कुल क्षेत्रफल | लगभग 5.5 एकड़ |
| निर्माण लागत | ₹200 करोड़ |
| प्रमुख सुविधाएं | 24×7 State Emergency Operation Centre (SEOC), Emergency Operation Centre (EOC), GIS Mapping, Early Warning System, Real-time Monitoring, Incident Response System |
यह मुख्यालय बाढ़, भूकंप, आकाशीय बिजली, हीटवेव और अन्य प्राकृतिक व मानवजनित आपदाओं के दौरान त्वरित निर्णय, प्रभावी समन्वय और समयबद्ध राहत कार्य सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा प्रबंधन को केवल राहत कार्य तक सीमित न मानते हुए इसे जागरूकता, पूर्व तैयारी, आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित मानव संसाधन और जनभागीदारी के जरिए एक सुरक्षित और आपदा-प्रतिरोधी प्रदेश बनाने का संकल्प बताया। उन्होंने कहा कि AI, सैटेलाइट तकनीक, ड्रोन आधारित निगरानी और अर्ली वार्निंग सिस्टम के माध्यम से उत्तर प्रदेश देश में आपदा प्रबंधन का नया मॉडल स्थापित कर रहा है।
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने क्या कहा?
सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी राज्य की पहली सुरक्षा कानून-व्यवस्था है, तो प्रभावी आपदा प्रबंधन उसकी दूसरी सुरक्षा। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज इन दोनों क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो चुका है।
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 25 करोड़ से अधिक आबादी और 75 जनपदों वाले उत्तर प्रदेश में करीब 30 प्रतिशत क्षेत्र बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील है, और 43 जनपद हर साल बाढ़ की चुनौती झेलते हैं। ऐसे में उनके अनुसार विश्वस्तरीय आपदा प्रबंधन अवसंरचना सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा का आधार है।
डॉ. सिंह ने आगे कहा कि दृढ़ नेतृत्व, आधुनिक तकनीक और संवेदनशील प्रशासन के साथ चलने पर आपदा एक चुनौती तो बन सकती है, लेकिन त्रासदी नहीं बनती। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भगवान श्रीराम की प्रतिमा भेंट कर उनका अभिनंदन भी किया।
सरोजनीनगर बन रहा है विकास का बड़ा केंद्र
डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि सरोजनीनगर अब सिर्फ विकास का ही नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य का भी एक अहम केंद्र बनकर उभर रहा है। यहां पहले से चल रही और आने वाली कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं इस क्षेत्र की तस्वीर बदल रही हैं:
- अनंत नगर आवासीय योजना
- AI City और Aero City
- Defence Corridor और BrahMos परियोजना
- Ashok Leyland का इलेक्ट्रिक बस निर्माण संयंत्र
- उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज
- NCDC
- नवीन राजकीय ITI
- राजकीय बालिका डिग्री कॉलेज
अब इस सूची में UPSDMA का नया मुख्यालय भी जुड़ गया है, जो सरोजनीनगर को प्रदेश की सुरक्षा, आपदा पूर्व तैयारी और प्रभावी आपदा प्रबंधन का प्रमुख केंद्र बना रहा है।
निष्कर्ष
UPSDMA के इस अत्याधुनिक मुख्यालय का लोकार्पण उत्तर प्रदेश की आपदा प्रबंधन व्यवस्था के लिए एक बड़ा कदम है। आधुनिक तकनीक और सुदृढ़ अवसंरचना से लैस यह केंद्र आने वाले समय में प्रदेश को प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं से निपटने में और सक्षम बनाएगा, वहीं सरोजनीनगर को भी एक नई पहचान देगा।
