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आपातकाल की 51वीं बरसी: लखनऊ में 'संविधान हत्या दिवस' पर लोकतंत्र सेनानी सम्मानित, प्रदर्शनी में दिखी त्रासदी

1975 के आपातकाल की 51वीं बरसी पर लखनऊ में 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान आपातकाल की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया और लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Admin
  • Updated: June 25, 2026

​आपातकाल की 51वीं बरसी: लखनऊ में 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम का आयोजन, लोकतंत्र के प्रहरियों का हुआ सम्मान


​लखनऊ: वर्ष 1975 में देश पर थोपे गए आपातकाल (Emergency) की 51वीं बरसी पर आज राजधानी लखनऊ में 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आपातकाल के उस काले दौर की त्रासदी को याद किया गया, जब केवल अपनी सत्ता को अक्षुण्ण रखने के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने देश के लोकतंत्र का गला घोंटने का महापाप किया था।


​इस अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और गणमान्य नागरिकों ने शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान आपातकाल की विषम परिस्थितियों में लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी जान और आजादी की बाजी लगाने वाले 'लोकतंत्र सेनानियों' को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। 

 'आपातकाल की त्रासदी' पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन

​कार्यक्रम परिसर में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा एक विशेष चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था। इस प्रदर्शनी में 1975 के उस दौर की जेल यात्राओं, अखबारों पर लगी सेंसरशिप और नागरिक अधिकारों के हनन की दर्दनाक दास्तां को तस्वीरों और दस्तावेजों के माध्यम से जीवंत किया गया था। अतिथियों ने प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन किया और युवा पीढ़ी के लिए इसे एक सीख बताया।

​"सत्ता की भूख में किस तरह संवैधानिक संस्थाओं को कुचला गया था, यह प्रदर्शनी उसकी गवाह है। आज हम उन सभी ज्ञात-अज्ञात लोकतंत्र सेनानियों की पावन स्मृतियों को नमन करते हैं, जिन्होंने जेल की यातनाएं सहकर भी देश में दोबारा लोकतंत्र की बहाली सुनिश्चित की।"

 

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