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उत्तर प्रदेश बनेगा भारत का अगला GCC हब, नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स में 10% हिस्सेदारी का लक्ष्य: आलोक कुमार

जीसीसी समिट 2026 नोएडा में प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी GCC हब बनाने का रोडमैप पेश किया। नीति, प्रतिभा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: July 28, 2026

उत्तर प्रदेश ने भारत का अगला 'ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर' (GCC) हब बनने के संकल्प को किया मजबूत

नीति, प्रतिभा और नवाचार के दम पर देश के 10% नए जीसीसी (GCC) आकर्षित करने का लक्ष्य: आलोक कुमार, प्रमुख सचिव, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के लिए देश का सबसे पसंदीदा केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। नोएडा में आयोजित जीसीसी समिट 2026 के दौरान सरकार ने तकनीक, नवाचार और उच्च-मूल्य वाले रोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक रोडमैप पेश किया। कार्यक्रम में उद्योग जगत के दिग्गजों, नीति-निर्माताओं और वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने कहा कि राज्य प्रगतिशील नीतियों, कुशल प्रतिभाओं, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और जवाबदेह प्रशासन के जरिए भारत के तेजी से बढ़ते जीसीसी इकोसिस्टम में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

आधुनिक जीसीसी अब AI और इनोवेशन के केंद्र

प्रमुख सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक जीसीसी अब केवल पारंपरिक बैक-ऑफिस ऑपरेशन्स तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंजीनियरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, प्रोडक्ट इनोवेशन और वैश्विक रणनीतिक फैसलों के मुख्य केंद्र बन चुके हैं। इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार अपनी नीतियों, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और टैलेंट इकोसिस्टम को लगातार अपग्रेड कर रही है, ताकि अगली पीढ़ी के वैश्विक तकनीकी निवेश को आकर्षित किया जा सके। यह पहल राज्य को 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

GCC सलाहकार बोर्ड का होगा गठन

जीसीसी इकोसिस्टम को और अधिक सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार जल्द ही एक उच्चस्तरीय GCC सलाहकार बोर्ड का गठन करेगी। इस बोर्ड में सरकार, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थानों, इन्वेस्ट यूपी और विकास प्राधिकरणों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो नीतियों को बेहतर बनाने, अंतर-विभागीय तालमेल बिठाने और निवेशकों की निर्णय प्रक्रिया को तेज करने का काम करेंगे।

नए शहरों में विकसित होंगे GCC हब

इसके साथ ही सरकार अपनी IT & ITeS नीति को मजबूत करने, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, डीप-टेक हब एवं यू-हब (U-Hub) के विकास और उद्योग की जरूरतों के मुताबिक कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ अब लखनऊ, वाराणसी, आगरा, प्रयागराज और बुंदेलखंड जैसे उभरते शहरों को भी भविष्य के नए जीसीसी हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

देश में 10% हिस्सेदारी का लक्ष्य

श्री आलोक कुमार ने राज्य के विज़न को साझा करते हुए कहा कि भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स तेजी से बढ़ रहे हैं और उत्तर प्रदेश का स्पष्ट लक्ष्य देश में स्थापित होने वाले नए जीसीसी (GCCs) में से कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करना है। उन्होंने कहा कि बेहतर नीतियों, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे, कुशल कार्यबल और नवाचार-अनुकूल माहौल के कारण वैश्विक कंपनियां पूरे भरोसे के साथ यहां अपने कारोबार का विस्तार कर सकती हैं, जिससे राज्य के युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अनगिनत अवसर पैदा होंगे।

 

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