Search News

उत्तर प्रदेश होम-स्टे संचालक प्रशिक्षण 2026: 35 संचालकों को मिला उद्यमिता व आतिथ्य प्रशिक्षण

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने MKITM लखनऊ में 35 होम-स्टे संचालकों को 5 दिवसीय प्रशिक्षण दिया। जानें 'विजिट माय स्टेट' अभियान और ग्रामीण पर्यटन में होम-स्टे मॉडल की भूमिका।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: July 19, 2026

उत्तर प्रदेश में होम-स्टे मॉडल को बढ़ावा: 35 होम-स्टे संचालकों को मिला उद्यमिता और आतिथ्य का प्रशिक्षण

MKITM लखनऊ में प्रदेशभर से आए होम-स्टे संचालकों ने सीखे आधुनिक प्रबंधन और रिस्पांसिबल टूरिज्म के गुर

लखनऊ, 18 जुलाई 2026

उत्तर प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन (Rural Tourism) को नई पहचान देने और स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पर्यटन विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विभाग के अंतर्गत संचालित मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट (MKITM) में प्रदेशभर से आए होम-स्टे संचालकों के लिए 14 से 18 जुलाई 2026 तक पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस प्रशिक्षण में 35 प्रतिभागियों को होम-स्टे के प्रभावी संचालन, आधुनिक पर्यटन कौशल और उत्कृष्ट आतिथ्य सेवाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। यह पहल सरकार के 'विजिट माय स्टेट' अभियान को गति देने के साथ ही 'आतिथ्य से आत्मनिर्भरता' के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह बोले- युवाओं के लिए स्वरोजगार का नया रास्ता

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए नवाचार, कौशल विकास और स्थानीय युवाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस कर रही है।

उन्होंने कहा कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल अधिकांश होम-स्टे संचालक युवा हैं, जिन्होंने औपचारिक शिक्षा के बाद पर्यटन विभाग के सहयोग से स्वरोजगार के रूप में होम-स्टे संचालन को अपनाया है। विभाग के सतत प्रशिक्षण और मार्गदर्शन से युवा सफल होम-स्टे संचालक बन रहे हैं, जिससे उन्हें रोजगार के साथ आत्मनिर्भरता की नई राह मिल रही है।

होम-स्टे संचालन की सीखी बारीकियां: मार्केटिंग से लेकर हाउसकीपिंग तक

होम-स्टे संचालकों को पेशेवर आतिथ्य सेवा प्रदाता बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में व्यवसाय को सफल बनाने के हर पहलू पर जानकारी दी गई, जिनमें शामिल हैं:

  • कम लागत में प्रभावी मार्केटिंग, होम-स्टे ब्रांडिंग, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्रचार
  • अतिथि पंजीकरण, शिकायत निवारण और सेवा प्रबंधन
  • टैरिफ निर्धारण, मूल्य निर्धारण और लागत नियंत्रण
  • हाउसकीपिंग, रखरखाव और आकर्षक इंटीरियर डिजाइन
  • ऊर्जा संरक्षण और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का उपयोग
  • बेहतर आतिथ्य सेवा, व्यक्तित्व विकास और ग्रूमिंग
  • स्थानीय व्यंजनों व जैविक उत्पादों का मानकीकरण
  • स्वच्छता, सुरक्षा, स्वास्थ्य, टेबल एटीकेट और सेवा प्रोटोकॉल
  • डिजिटल भुगतान और स्थानीय पर्यटन स्थलों की जानकारी
  • प्रभावी प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) कौशल

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया, प्रमाण-पत्र वितरित किए गए, और फार्म विजिट के माध्यम से उन्हें व्यावहारिक अनुभव भी दिलाया गया।

इन जिलों से पहुंचे प्रतिभागी

इस प्रशिक्षण में प्रयागराज, फर्रुखाबाद, अंबेडकरनगर, महराजगंज, बिजनौर, सहारनपुर, ललितपुर, लखनऊ, उन्नाव, सीतापुर, वाराणसी, महोबा, बांदा और चित्रकूट सहित प्रदेश के कई जिलों के होम-स्टे संचालकों ने भाग लिया।

'विजिट माय स्टेट' अभियान में होम-स्टे मॉडल निभाएगा अहम भूमिका

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश का पर्यटन क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर देशी-विदेशी पर्यटकों की लगातार बढ़ती आमद के साथ होम-स्टे मॉडल भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

इससे न केवल पर्यटकों के लिए ठहरने की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं, बल्कि उन्हें स्थानीय कला, संस्कृति, पारंपरिक व्यंजन और ग्रामीण जीवनशैली को करीब से जानने-समझने का अवसर भी मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के 'विजिट माय स्टेट' अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक पर्यटकों को उत्तर प्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में प्रशिक्षित और गुणवत्तापूर्ण होम-स्टे संचालक इस पहल को नई गति देने के साथ प्रदेश की पर्यटन अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेंगे।

Breaking News:

Recent News: