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कपि वन योजना: प्रदेश के सभी नगर निकायों में बंदरों के लिए बनेगा प्राकृतिक आवास

उत्तर प्रदेश सरकार की 'कपि वन' योजना के तहत सभी नगर निकायों के बाहरी क्षेत्रों में बंदरों के लिए प्राकृतिक आवास विकसित किया जाएगा। जानें योजना के उद्देश्य, फलदार वृक्षारोपण और लाभ।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: July 20, 2026

प्रदेश के सभी नगर निकायों के बाहरी क्षेत्रों में स्थापित होंगे 'कपि वन', बंदरों के लिए विकसित होगा प्राकृतिक आवास

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बढ़ती बंदरों की संख्या और उनके द्वारा लोगों को घायल किए जाने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने बंदरों के लिए प्राकृतिक आवास विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसे 'कपि वन' योजना नाम दिया गया है।

क्या है कपि वन योजना?

'एक पेड़ मां के नाम' विषयवस्तु पर आधारित वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत 21 जुलाई 2026 को प्रदेश के प्रत्येक नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत के बाहरी क्षेत्र में न्यूनतम एक हेक्टेयर भूमि पर 'कपि वन' स्थापित किए जाएंगे। यह पहल राज्य सरकार के व्यापक वृक्षारोपण अभियान का हिस्सा है, जिसका सीधा संबंध वन्यजीव संरक्षण और शहरी सुरक्षा दोनों से है।

योजना का उद्देश्य

कपि वन योजना के पीछे राज्य सरकार के तीन मुख्य लक्ष्य हैं:

  1. बंदरों को आबादी वाले क्षेत्रों में आने से रोकना
  2. मानव-बंदर संघर्ष को कम करना
  3. शहरी क्षेत्रों के बाहर बंदरों के लिए सुरक्षित आवास और प्राकृतिक भोजन की व्यवस्था करना

सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से जन-धन की हानि में कमी आएगी, साथ ही बंदरों और आम नागरिकों — दोनों को होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।

कपि वन में कौन-कौन से पेड़ लगाए जाएंगे?

कपि वन की स्थापना के लिए अवनत एवं अनुपयोगी भूमि को प्राथमिकता दी गई है। इन वन क्षेत्रों में निम्नलिखित फलदार प्रजातियों का रोपण किया जाएगा:

  • बड़हल
  • आम
  • जामुन
  • अमरूद
  • बेल
  • गूलर
  • कटहल
  • बेर
  • शहतूत
  • पीपल
  • अंजीर

पौधों का चयन इस तरह किया गया है कि वर्षभर किसी न किसी प्रजाति के फल उपलब्ध रहें, जिससे बंदरों को प्राकृतिक रूप से निरंतर भोजन मिलता रहे और उन्हें भोजन की तलाश में शहरी बस्तियों की ओर न आना पड़े।

किन विभागों की भागीदारी?

कपि वन की स्थापना एवं विकास कार्य में निम्न विभाग सक्रिय सहयोग दे रहे हैं:

  • नगर विकास विभाग
  • आवास विकास विभाग

योजना से क्या लाभ होंगे?

लाभविवरण
मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमीबंदर आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रहेंगे
जन-धन हानि में कमीबंदरों द्वारा घायल किए जाने की घटनाएं घटेंगी
पर्यावरण संरक्षणबड़े पैमाने पर फलदार वृक्षारोपण
प्राकृतिक संतुलनमानव और वन्यजीवों के बीच बेहतर सामंजस्य

राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मानव और वन्यजीवों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

 

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