युवाओं और किसानों के लिए बड़ा मौका: सीखें फूड प्रोसेसिंग का हुनर
उत्तर प्रदेश में रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी पहल की जा रही है। राज्य के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा विभिन्न जिलों में स्थापित राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्रों और सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्रों पर युवक-युवतियों और किसानों को खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
यह पहल उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के अनुरूप चलाई जा रही है। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में तय लक्ष्य के अनुसार प्रशिक्षण कार्य समय पर पूरा किया जाए।
कैसे मिलेगा फायदा युवाओं और किसानों को?
उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे एक प्रभावी कार्ययोजना और रूपरेखा तैयार करें, ताकि इच्छुक नवयुवकों, नवयुवतियों और किसानों को अलग-अलग विधाओं में बेहतर से बेहतर प्रशिक्षण मिल सके। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि:
- प्रशिक्षण कार्यों की लगातार निगरानी की जाए
- प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार से जोड़ने के ठोस प्रयास किए जाएं
प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रशिक्षणार्थी फूड प्रोसेसिंग का काम शुरू करके अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे। इतना ही नहीं, प्रशिक्षित लोग अपनी खुद की यूनिट लगाकर सरकार से मिलने वाले अनुदान और अन्य सुविधाओं का लाभ भी उठा सकेंगे।
इन जिलों में चल रहा है प्रशिक्षण कार्यक्रम
विभाग ने अलग-अलग जिलों के अधिकारियों को समय से लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं:
राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्रों के प्रधानाचार्यों को निर्देश: आगरा, अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, कानपुर, झांसी, प्रयागराज, वाराणसी और अयोध्या
खाद्य प्रसंस्करण अधिकारियों को निर्देश: मिर्जापुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, सहारनपुर और चित्रकूट धाम
साथ ही लखनऊ के फल संरक्षण अधिकारी को भी निर्धारित रोस्टर के अनुसार समय से प्रशिक्षण पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कौन-कौन से कोर्स कराए जाते हैं?
खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा अलग-अलग अवधि के कोर्स संचालित किए जाते हैं, ताकि सभी वर्ग के इच्छुक अभ्यर्थी अपनी सुविधा के अनुसार प्रशिक्षण ले सकें:
| कोर्स | अवधि |
|---|---|
| बेकरी एवं कन्फेक्शनरी (डिप्लोमा) | 1 वर्ष |
| कुकरी / पाक-कला (डिप्लोमा) | 1 वर्ष |
| बेकरी एवं कन्फेक्शनरी (अंशकालीन) | 1 माह |
| कुकरी / पाक-कला (अंशकालीन) | 1 माह |
| फूड प्रोसेसिंग (सामुदायिक फल संरक्षण केंद्रों पर) | 15 दिन |
क्यों जरूरी है यह प्रशिक्षण?
आज के दौर में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है और इसमें स्वरोजगार की भरपूर संभावनाएं हैं। यह प्रशिक्षण न सिर्फ युवाओं को हुनरमंद बनाएगा, बल्कि किसानों को भी अपनी उपज का बेहतर उपयोग कर आय बढ़ाने का मौका देगा। प्रशिक्षण के बाद सरकार की तरफ से मिलने वाला अनुदान इस काम को और आसान बना देता है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल ग्रामीण और शहरी युवाओं के साथ-साथ किसानों के लिए भी आत्मनिर्भर बनने का एक शानदार अवसर है। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में मिल रहा यह प्रशिक्षण न केवल रोजगार के नए रास्ते खोलेगा, बल्कि प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को भी नई ऊर्जा देगा।
