गोमती नगर विस्तार में अवैध गैराज में फटा सिलेंडर, राहगीर घायल; LDA सचिव से हुई शिकायत
लखनऊ। राजधानी के पॉश इलाके गोमती नगर विस्तार से एक बेहद चौंकाने वाला और खतरनाक मामला सामने आया है, जहां एक पेट्रोल पंप के ठीक बगल में अवैध रूप से संचालित हो रहे गैराज में वेल्डिंग सिलेंडर फटने से इलाके में हड़कंप मच गया। इस हादसे में वहां से गुजर रहे एक राहगीर को गंभीर चोटें आई हैं।
घटना को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय निवासी ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के सचिव को लिखित शिकायत सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कब और कहां हुआ हादसा
शिकायतकर्ता पद्म देव पांडे, निवासी विनय खंड, गोमती नगर, द्वारा LDA सचिव को सौंपे गए पत्र के अनुसार यह घटना 16 जुलाई 2026 की शाम को हुई। गोमती नगर विस्तार स्थित मलेशिया मऊ पेट्रोल पंप के बिल्कुल बगल में एक अवैध गैराज बीते काफी समय से संचालित हो रहा था। गुरुवार शाम को इसी गैराज में काम के दौरान अचानक एक वेल्डिंग सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया।
पेट्रोल पंप के इतने नजदीक होने के कारण यह धमाका किसी बड़े और जानलेवा हादसे का सबब बन सकता था। गनीमत रही कि पंप को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन धमाके की चपेट में आने से घटनास्थल से गुजर रहे पद्म देव पांडे को चोटें आईं।
घायल राहगीर का हुआ इलाज
घटना में घायल पद्म देव पांडे का इलाज सुशेना मेडिकल सेंटर, वरदान खंड, सेक्टर-1, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ में कराया गया। डॉक्टर के पर्चे के अनुसार उन्हें कान से जुड़ी समस्या के इलाज के साथ दवाइयां दी गईं और आगे के उपचार के लिए ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ के पास रेफर किया गया।
पीड़ित ने साक्ष्यों सहित दर्ज कराई शिकायत
पीड़ित पद्म देव पांडे ने 17 जुलाई 2026 को LDA कार्यालय में विधिवत शिकायत दर्ज कराई, जिस पर कार्यालय की रिसीविंग मुहर भी लगाई जा चुकी है। अपनी शिकायत के साथ उन्होंने निम्नलिखित साक्ष्य संलग्न किए:
- गैराज की लोकेशन
- फटे हुए सिलेंडर की फोटो
- चोट लगने पर डॉक्टर के परामर्श का पर्चा
अपनी शिकायत में उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाके और पेट्रोल पंप के पास इस प्रकार की अवैध व्यावसायिक गतिविधियां आम जनमानस के जीवन के लिए बेहद घातक और लापरवाही से भरी हैं।
बड़ा सवाल: किसकी शह पर चल रहा था अवैध गैराज?
एक तरफ जहां राजधानी लखनऊ को व्यवस्थित शहर बनाने के दावे किए जाते हैं, वहीं पेट्रोल पंप जैसी संवेदनशील और ज्वलनशील जगह के ठीक बगल में इस तरह का अवैध गैराज आखिर किसकी शह पर चल रहा था, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
अब देखना यह है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण इस गंभीर और जानलेवा लापरवाही पर क्या ठोस एक्शन लेता है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
