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माय भारत राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक सम्मेलन में 1500 से अधिक स्वयंसेवकों का समागम, डॉ. मनसुख मांडविया ने किया संबोधित

लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में माय भारत राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक सम्मेलन आयोजित। केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया बोले- अमृतकाल के अगले 25 वर्ष युवाओं के हैं। नेशन फर्स्ट चैलेंज विजेता सम्मानित, नशा मुक्त भारत का संकल्प।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: July 18, 2026

उत्तर प्रदेश में माय भारत राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक सम्मेलन में 1500 से अधिक स्वयंसेवकों का हुआ समागम

लखनऊ। भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के युवा मामले विभाग द्वारा माय भारत के माध्यम से लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 'माय भारत' राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 1500 से अधिक माय भारत युवा स्वयंसेवकों ने भाग लिया।

सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, स्वयंसेवा की भावना तथा सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ करना और उन्हें कर्तव्य भाव, सेवा एवं 'नेशन फर्स्ट' की भावना के साथ विकसित भारत @2047 के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था।

"अमृतकाल के अगले 25 वर्ष युवाओं के हैं" — डॉ. मनसुख मांडविया

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि युवाओं को कर्तव्य भाव, सेवा और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ विकसित भारत @2047 के निर्माण का नेतृत्व करने के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए।

"विकसित भारत को हम देखेंगे, लेकिन विकसित भारत में युवा पीढ़ी जीवन जिएगी, इसलिए विकसित भारत का निर्माण करना आपका कर्तव्य है" — डॉ. मनसुख मांडविया

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है, जो देश की सबसे बड़ी शक्ति है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संकल्प का उल्लेख करते हुए जिसमें बिना किसी राजनीतिक या पारिवारिक पृष्ठभूमि वाले एक लाख युवा नेताओं को तैयार करने की बात कही गई है, उन्होंने कहा कि नेतृत्व देश के प्रत्येक गांव, जनजातीय क्षेत्र, द्वीप, कस्बे और शहर से उभरना चाहिए।

माय भारत पोर्टल: युवाओं के लिए 'वन स्टॉप सॉल्यूशन'

डॉ. मांडविया ने माय भारत पोर्टल (mybharat.gov.in) को युवाओं के लिए 'वन स्टॉप सॉल्यूशन' बताते हुए कहा कि यह मंच युवाओं को स्वयंसेवा, रोजगार के अवसर, अनुभवात्मक शिक्षण, सामुदायिक सेवा तथा नवाचार से जोड़ता है। उन्होंने बताया कि विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (वीबीवाईएलडी) के दौरान युवाओं द्वारा दिए गए अनेक सुझावों को केंद्रीय बजट 2026 में भी स्थान मिला है।

स्वयंसेवकों को तीन महीने का लक्ष्य

केंद्रीय मंत्री ने प्रत्येक माय भारत युवा स्वयंसेवक से अगले तीन महीनों में:

  • कम-से-कम 300 युवाओं को माय भारत मंच से जोड़ने
  • 100 सक्रिय युवा क्लबों का पंजीकरण कराने

का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा क्लब सेवा, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण का केंद्र बनना चाहिए। साथ ही उन्होंने स्वयंसेवकों से 'नशा मुक्त युवा - विकसित भारत' अभियान को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने तथा नशे से प्रभावित परिवारों की वास्तविक कहानियों के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाने का आग्रह किया।

डॉ. मांडविया ने कहा कि जिस प्रकार जल की छोटी-छोटी बूंदें मिलकर महासागर बनाती हैं, उसी प्रकार कर्तव्य भाव से किया गया प्रत्येक सेवा कार्य विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने कहा:

"भारत का भविष्य केवल सरकारी कार्यालयों में नहीं लिखा जाएगा, बल्कि देश के हर गांव और हर समुदाय में कार्यरत युवा नागरिक उसे आकार देंगे"

"माय भारत राष्ट्र निर्माण का प्रभावी मंच" — गिरीश चंद्र यादव

उत्तर प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि माय भारत युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की दिशा में संगठित करने का एक प्रभावी मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक गतिविधियों, स्वयंसेवा और जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से माय भारत ने युवाओं को देश के विकास से जोड़ा है और यह मंच विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की प्राप्ति का प्रमुख माध्यम बनेगा।

सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने किया स्वयंसेवकों का स्वागत

युवा कार्यक्रम विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने स्वयंसेवकों का स्वागत करते हुए कहा कि देश के सबसे बड़े राज्य में इतनी बड़ी संख्या में सेवा भावना से प्रेरित युवा स्वयंसेवकों का एकत्र होना गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्रीय विकास और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में नियोजित किया जाना चाहिए, क्योंकि जब युवा किसी उद्देश्य को अपना व्यक्तिगत संकल्प बना लेते हैं, तब वे स्थायी परिवर्तन का आधार बनते हैं।

'नेशन फर्स्ट चैलेंज' के विजेताओं का सम्मान

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण 'नेशन फर्स्ट चैलेंज' के शीर्ष पांच विजेताओं का सम्मान समारोह रहा। केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने निम्न विजेताओं को सम्मानित किया:

  1. अभिषेक रामदास नाइकवाड़ी (महाराष्ट्र)
  2. टी. रमेश (तेलंगाना)
  3. नामरेड्डी ऋत्विक रेड्डी (तेलंगाना)
  4. स्वामीकेरी वेंकट लोकेश (आंध्र प्रदेश)
  5. कृष्णानंद जायसवाल (उत्तर प्रदेश)

संवादात्मक सत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

सम्मेलन के दौरान स्वयंसेवकों ने माय भारत पोर्टल, युवा नेतृत्व एवं सामुदायिक संगठन विषयों पर आयोजित संवादात्मक सत्रों में भाग लिया और उन्हें युवा कार्यक्रम विभाग की विभिन्न प्रमुख पहलों में अपनी भूमिका के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही 'नशा मुक्त युवा - विकसित भारत' अभियान पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से युवाओं की जन-जागरूकता एवं व्यवहार परिवर्तन में भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

स्वयंसेवकों ने ली 'नशा मुक्त भारत' की शपथ

कार्यक्रम के समापन पर सभी स्वयंसेवकों ने 'नशा मुक्त भारत' की शपथ ली तथा सेवा, अनुशासन और समर्पण की भावना के साथ नशामुक्त, विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

कार्यक्रम में निम्नलिखित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे:

  • श्री सुहास एल.वाई., सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार
  • डॉ. प्रियंका शुक्ला, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, माय भारत
  • माय भारत एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के वरिष्ठ अधिकारी

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