लखनऊ में युवा नीति पर बड़ा मंथन
देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सीधी भागीदारी देने और सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक असरदार तरीके से पहुंचाने के मकसद से लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक अहम आयोजन हुआ। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के दो दिवसीय क्षेत्रीय चिंतन शिविर का समापन शनिवार को हुआ, जिसमें एक बात बार-बार दोहराई गई — सशक्त और विकसित युवा पीढ़ी ही विकसित भारत की असली बुनियाद है।
यह लेख आपको बताएगा कि इस शिविर में कौन-कौन सी योजनाओं पर चर्चा हुई, किन अधिकारियों ने क्या विचार रखे, और आगे की रणनीति क्या तय हुई।
शिविर का मुख्य संदेश: अधिकारी बनें प्रेरणा स्रोत
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने कार्यक्रम में मौजूद युवा अधिकारियों को एक स्पष्ट दिशा दी। उनका कहना था कि अधिकारियों को सिर्फ योजनाएं लागू करने वाले तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें ऐसा उत्प्रेरक बनना चाहिए जो युवाओं में नेतृत्व क्षमता, स्वयंसेवा की भावना और राष्ट्र-निर्माण के प्रति जिम्मेदारी जगाए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जो अधिकारी जमीनी स्तर पर काम करते हैं, वही स्थानीय समस्याओं को सबसे बेहतर ढंग से समझते हैं और उनके लिए व्यावहारिक हल निकाल सकते हैं।
चर्चा में शामिल रहीं ये प्रमुख योजनाएं
शिविर के दौरान युवाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं और अभियानों पर गहन विचार-विमर्श हुआ, जिनमें शामिल हैं:
- MY Bharat प्लेटफॉर्म
- प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS)
- फिट इंडिया अभियान
- एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम (ELP)
- नशा मुक्त भारत अभियान
- जेंडर सेंसिटाइजेशन से जुड़े कार्यक्रम
- युवा नेतृत्व और सामुदायिक जनभागीदारी से जुड़ी पहलें
विशेषज्ञों ने इस दौरान एक अहम सुझाव दिया — आज के दौर में जरूरी है कि युवाओं को सिर्फ पढ़ाई तक सीमित न रखकर उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी, स्वयंसेवा और कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) से भी जोड़ा जाए।
हर राज्य के लिए अलग रणनीति की जरूरत
युवा कार्यक्रम विभाग के संयुक्त सचिव शिव रतन ने इस मौके पर एक महत्वपूर्ण बिंदु उठाया। उनके मुताबिक, हर राज्य की परिस्थितियां और चुनौतियां अलग-अलग हैं, इसलिए किसी भी योजना को लागू करते वक्त उस राज्य की स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर ही रणनीति बनानी चाहिए। एक ही तरह का फॉर्मूला हर जगह कारगर नहीं हो सकता।
वहीं MY Bharat की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि युवाओं तक और बेहतर तरीके से पहुंचने के लिए तकनीक, नवाचार (इनोवेशन) और स्थानीय संस्थानों के साथ मजबूत साझेदारी बेहद जरूरी है।
MY Bharat को मिलेगी और मजबूती
शिविर से निकला एक बड़ा फैसला यह रहा कि MY Bharat मंच को युवाओं के नेतृत्व वाले राष्ट्र-निर्माण अभियान के केंद्रीय माध्यम के तौर पर और सशक्त बनाया जाएगा। इसके लिए आगे इन बातों पर खास फोकस रहेगा:
- राज्यों के बीच बेहतरीन कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) का आदान-प्रदान
- तकनीक आधारित क्रियान्वयन
- क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग)
- समुदाय आधारित कार्यक्रमों को प्राथमिकता
सम्मान समारोह: उत्तर प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश हुए सम्मानित
समापन सत्र में कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया:
- उत्तर प्रदेश को MY Bharat पर सबसे ज्यादा पंजीकरण करने वाला राज्य घोषित किया गया।
- दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव को उनकी युवा आबादी के अनुपात में सबसे अधिक पंजीकरण के लिए सम्मानित किया गया।
आगे की राह: विकसित भारत 2047 को मिलेगी गति
विशेषज्ञों का मानना है कि इस चिंतन शिविर से निकले सुझाव आने वाले समय में युवाओं से जुड़ी सरकारी योजनाओं को और अधिक असरदार बनाने में मदद करेंगे। इससे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में देश और तेजी से आगे बढ़ेगा।
निष्कर्ष
लखनऊ का यह क्षेत्रीय चिंतन शिविर सिर्फ एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि युवा-केंद्रित नीति निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम साबित हो सकता है। MY Bharat, PMIS और फिट इंडिया जैसी योजनाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की यह रणनीति आने वाले वर्षों में युवाओं की भागीदारी को नई ऊंचाई दे सकती है।
