संस्कृति विभाग द्वारा प्रदेश के 06 जनपदों में राष्ट्रनायकों, महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा प्रदेश के महापुरुषों, राष्ट्रनायकों, भारतीय संस्कृति को समृद्ध बनाने वाले साहित्यकारों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की मूर्तियां स्थापित करायी गई हैं। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने कहा कि राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने वाले ये महापुरुष सदियों तक समाज को प्रेरणा देते रहेंगे।
अब तक स्थापित हो चुकीं प्रतिमाएं
पर्यटन मंत्री श्री जयवीर सिंह के अनुसार निम्नलिखित प्रतिमाएं पहले ही स्थापित की जा चुकी हैं:
| स्थान | प्रतिमा | ऊंचाई | सामग्री |
|---|---|---|---|
| सूर्यकुंड, अयोध्या | भगवान सूर्य नारायण (खड़ी मुद्रा) | 6 फीट | सैंड स्टोन |
| गणेश कुंड, अयोध्या | भगवान गणेश (खड़ी मुद्रा) | 10 फीट | सैंड स्टोन |
| अयोध्या | महर्षि वाल्मीकि (बैठी मुद्रा) | 6 फीट | कांस्य |
| कासगंज रेलवे पुल के पास, शहीद स्थल एटा | बाबू कल्याण सिंह (खड़ी मुद्रा) | 12.5 फीट | कांस्य |
| महमूदाबाद, सीतापुर | महंत अवैद्यनाथ जी (खड़ी मुद्रा) | 12.5 फीट | कांस्य |
| प्रयागराज | कमला बहुगुणा | 6 फीट | कांस्य |
| जहानगंज रोड, क्षत्रीय भवन, फर्रुखाबाद | महाराणा प्रताप जी (अश्वारोही) | 12.5 फीट | कांस्य |
निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित प्रतिमाएं
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा निम्न प्रतिमाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है या प्रक्रिया में है:
- अवंतीबाई की 12.5 फीट अश्वारोही कांस्य प्रतिमा — कालों कुआं चौराहा, बांदा (निर्माण प्रगति पर)
- बाबू कल्याण सिंह की 12.5 फीट खड़ी कांस्य मूर्ति — कासगंज, एटा (निर्माणाधीन)
- छत्रपति शिवाजी महाराज की 12.5 फीट अश्वारोही कांस्य प्रतिमा — तींदवारी रोड, बड़ा चौराहा, बांदा (प्रक्रिया शुरू)
- महाराजा छत्रसाल जी की 12.5 फीट अश्वारोही कांस्य प्रतिमा — बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के निकट, मवई चौराहा (प्रक्रिया जारी)
- छत्रपति शिवाजी महाराज की 12.5 फीट खड़ी अश्वारोही कांस्य प्रतिमा — चौक चौराहा, लखनऊ (निर्माण प्रगति पर)
- बाबू कल्याण सिंह जी की 12.5 फीट खड़ी कांस्य प्रतिमा — नगर पंचायत नरौरा समाधि स्थल, बुलंदशहर (प्रकरण विचाराधीन)
प्रतिमा स्थापना का उद्देश्य
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, इन प्रतिमाओं को स्थापित करने के पीछे दो मुख्य उद्देश्य हैं:
- देश के नागरिकों, साहित्यकारों तथा महापुरुषों के योगदान को जीवंत बनाए रखना
- युवा पीढ़ी को उनके योगदान, कृतित्व एवं देश निर्माण में उनकी भूमिका से अवगत कराना
उन्होंने कहा कि राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने वाले राष्ट्रनायक एवं महापुरुष सदियों तक समाज को प्रेरणा देते रहेंगे, और यही सोच संस्कृति विभाग की इस पहल के केंद्र में है।
- संस्कृति विभाग ने 6 जनपदों — अयोध्या, एटा, सीतापुर, प्रयागराज, फर्रुखाबाद और अन्य — में प्रतिमाएं स्थापित कीं
- अवंतीबाई, छत्रपति शिवाजी महाराज (2 स्थानों पर), महाराजा छत्रसाल जैसी और प्रतिमाओं का निर्माण प्रगति पर
- ज्यादातर प्रतिमाएं 12.5 फीट ऊंची अश्वारोही कांस्य मूर्तियां हैं
- उद्देश्य: युवा पीढ़ी को महापुरुषों के योगदान से जोड़ना
