बायोडिग्रेडेबल विकल्प उपलब्ध कराए बिना सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर पूर्ण रोक संभव नहीं: अमरनाथ मिश्र
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और लखनऊ व्यापार मंडल की संयुक्त बैठक में व्यापारियों ने रखे व्यवहारिक सुझाव, बोर्ड अध्यक्ष ने एक माह तक जनजागरूकता अभियान चलाने का दिया आश्वासन
कैनविज टाइम्स संवाददाता, लखनऊ
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं लखनऊ व्यापार मंडल के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को सिंगल यूज़ प्लास्टिक से पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों तथा उसके व्यवहारिक विकल्पों पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. रविन्द्र प्रताप सिंह ने की। बैठक में मुख्य पर्यावरण अधिकारी प्रवीण कुमार एवं क्षेत्रीय अधिकारी जे.पी. मौर्य भी उपस्थित रहे, जबकि लखनऊ व्यापार मंडल का प्रतिनिधित्व अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने किया।
व्यापारियों से मांगे गए सुझाव
बैठक की शुरुआत में डॉ. रविन्द्र प्रताप सिंह ने व्यापारियों से सुझाव आमंत्रित करते हुए कहा कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रभावी नियंत्रण तभी संभव है जब सरकार, व्यापारी और आम नागरिक मिलकर व्यवहारिक समाधान अपनाएँ।
वरिष्ठ महामंत्री जितेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि कम कीमत पर उपलब्ध प्लास्टिक की पानी की बोतलों एवं ठेला-रेहड़ी संचालकों द्वारा इनके अत्यधिक उपयोग के कारण प्लास्टिक का प्रयोग लगातार बढ़ रहा है।
कुछ बाजारों में दिख रहा सकारात्मक असर
महामंत्री सोमेश मिश्रा ने बताया कि चंद्रनगर आलमबाग व्यापार मंडल के व्यापारियों ने सिंगल यूज़ पॉलिथीन का पूर्ण बहिष्कार कर चाय कुल्हड़ में देना शुरू किया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव पूरे बाजार में देखने को मिल रहा है।
ट्रांस गोमती अध्यक्ष एवं भूतनाथ व्यापार मंडल के अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि भूतनाथ बाजार में व्यापारियों से सिंगल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग न करने की अपील की गई थी, जिसका परिणाम यह है कि लगभग 99 प्रतिशत बाजार में इसका उपयोग बंद हो चुका है।
व्यावहारिक विकल्पों की कमी बनी बड़ी चुनौती
कोषाध्यक्ष सुहेल हैदर अल्वी ने कहा कि फर्नीचर पैकिंग में प्रयुक्त प्लास्टिक को 75 माइक्रोन मानक के अनुरूप करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन उपयुक्त विकल्प उपलब्ध न होने के कारण कठिनाइयाँ बनी हुई हैं।
महामंत्री सुशील तिवारी ने कहा कि केवल व्यापारियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि आम जनता को भी जागरूक करना होगा तथा सरकार को सिंगल यूज़ प्लास्टिक का निर्माण करने वाली इकाइयों पर कड़ाई से नियंत्रण करना चाहिए।
महामंत्री मनीष गुप्ता ने कहा कि नगर निगम की टीमें समय-समय पर बाजारों में केवल औपचारिक छापेमारी करती हैं, जबकि व्यापारियों को कोई व्यवहारिक विकल्प उपलब्ध नहीं कराया जाता।
महामंत्री मनजीत सिंह दुआ ने कहा कि चारबाग क्षेत्र में बाहर से आने वाले ग्राहकों को भी कपड़े या जूट का थैला लेकर खरीदारी करने की आदत डालनी होगी।
जनजागरण अभियान चलाने की मांग
महामंत्री प्रियंक गुप्ता ने सुझाव दिया कि बाजारों में होर्डिंग, बैनर एवं जनजागरण अभियान चलाकर लोगों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए।
बीकेटी परिक्षेत्र महामंत्री शशि शुक्ला ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े बाजारों में विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्री की खरीदारी होती है, इसलिए सरकार को व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं के लिए सस्ता एवं व्यवहारिक विकल्प उपलब्ध कराना चाहिए।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविंद्र गुप्ता ने बायोडिग्रेडेबल पैकिंग सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई, वहीं निखिल रस्तोगी ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति व्यापक जनजागरण अभियान चलाने की बात कही।
अरविंद पाठक ने कहा कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण दोनों को गंभीर क्षति पहुँच रही है और इसके लिए हम सभी समान रूप से जिम्मेदार हैं। वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविंद्र यादव ने कहा कि इस प्रदूषण को रोकने के लिए केवल प्रतिबंध पर्याप्त नहीं है; सरकार को पर्यावरण के अनुकूल एवं किफायती विकल्प उपलब्ध कराने के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान को भी व्यापक स्तर पर चलाना चाहिए।
अमरनाथ मिश्र: सब्सिडी और जीएसटी में रियायत जरूरी
अपने अध्यक्षीय संबोधन में अमरनाथ मिश्र ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर रोक चाहती है तो सबसे पहले बायोडिग्रेडेबल उत्पादों के निर्माण को प्रोत्साहन देना होगा। इसके लिए उत्पादन इकाइयों को सब्सिडी, जीएसटी में रियायत तथा कच्चा माल सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जाए, जिससे व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं को किफायती विकल्प मिल सके।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि केवल विक्रेता ही नहीं, बल्कि क्रेता की भी जवाबदेही तय की जाए। साथ ही जीएसटी विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम, फूड सेफ्टी विभाग, पुलिस एवं व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों की संयुक्त टीम गठित कर नियमित अभियान चलाया जाए तथा बाहर से आने वाली प्रतिबंधित सिंगल यूज़ पॉलिथीन पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
एक माह तक चलेगा जनजागरूकता अभियान: प्रदूषण बोर्ड अध्यक्ष
बैठक के समापन पर डॉ. रविन्द्र प्रताप सिंह ने आश्वासन दिया कि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अगले एक माह तक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएगा। साथ ही विभिन्न विभागों एवं व्यापारिक संगठनों के साथ संयुक्त कार्ययोजना तैयार कर ठोस कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक निर्माण इकाइयों को बढ़ावा देने, आवश्यक कच्चा माल उपलब्ध कराने तथा पानी की प्लास्टिक बोतलों के व्यवहारिक विकल्पों पर भी कार्य किया जाएगा। भविष्य में व्यापारियों के साथ नियमित संवाद जारी रहेगा।
बैठक में रहे मौजूद
बैठक में अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र, वरिष्ठ महामंत्री जितेंद्र सिंह चौहान, मुख्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविंद्र गुप्ता, रविंद्र यादव, ट्रांस गोमती अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष सुहैल हैदर अल्वी, महामंत्री सुशील तिवारी, सोमेश मिश्रा, मनीष गुप्ता, प्रियंक गुप्ता, मनजीत सिंह दुआ, अरविंद पाठक, बीकेटी परिक्षेत्र महामंत्री शशि शुक्ल, निखिल रस्तोगी, मनोज चौरसिया, नितिन जैन सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।
