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आईपीएस पूरन कुमार आत्महत्या केस में बड़ा एक्शन, रोहतक एसपी नरेंद्र बिजराणिया हटाए गए

आईपीएस सुसाइड केस
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Kritika pandey
  • Updated: October 11, 2025

कैनविज टाइम्स, डिजिटल डेस्क ।

चंडीगढ़ में मंगलवार को हुई आईपीएस वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले ने हरियाणा की प्रशासनिक व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। इस गंभीर मामले में अब तक कई अहम घटनाक्रम सामने आ चुके हैं। शनिवार को हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजराणिया को उनके पद से हटा दिया। बिजराणिया पर आरोप है कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर पूरन कुमार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, जिसके चलते उन्होंने आत्महत्या जैसा गंभीर कदम उठाया। बिजराणिया की जगह अब आईपीएस सुरेंद्र सिंह भौरिया को रोहतक का नया एसपी नियुक्त किया गया है। इस संबंध में राज्यपाल की ओर से औपचारिक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि पूरन कुमार द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में हरियाणा पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम हैं, जिनमें डीजीपी शत्रुजीत कपूर और एसपी बिजराणिया भी शामिल हैं। सुसाइड नोट में उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा है कि इन अधिकारियों की प्रताड़ना के कारण वे मानसिक दबाव में थे। इस घटनाक्रम के बाद हरियाणा पुलिस और प्रशासन पर कई सवाल उठने लगे हैं। पूरन कुमार की पत्नी, जो स्वयं एक आईएएस अधिकारी हैं, अमनीत पी कुमार ने चंडीगढ़ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई है। उन्होंने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि उनके पति को जानबूझ कर परेशान किया गया और अब आरोपी अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। शुक्रवार रात को पूरन कुमार का पार्थिव शरीर चंडीगढ़ के सेक्टर 16 की मोर्चरी में रखा गया था। शनिवार सुबह पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई ले जाने की कोशिश की, लेकिन परिवार ने विरोध किया। उनका कहना था कि जब तक आरोपियों पर उचित कार्रवाई नहीं की जाती, वे पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं देंगे। परिवार का यह भी आरोप है कि पुलिस ने उनकी सहमति के बिना शव को जबरन पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की कोशिश की। इस बीच, चंडीगढ़ पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने भी इस मामले की तहकीकात तेज कर दी है। शनिवार सुबह एसआईटी टीम ने अमनीत पी कुमार से मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। सूत्रों के अनुसार, सरकार द्वारा 14 अधिकारियों के खिलाफ जांच की जा रही है, जिनके नाम पूरन कुमार की आत्महत्या से जुड़े सुसाइड नोट में दर्ज हैं। इस मामले ने पूरे हरियाणा प्रशासन में हलचल मचा दी है और अब यह देखना होगा कि जांच में आगे क्या निष्कर्ष निकलते हैं। आईपीएस अधिकारी की आत्महत्या और उस पर उठे सवालों ने न केवल पुलिस व्यवस्था, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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