Search News

तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री ने कफ सिरप मामले में अन्नाद्रमुक के ध्यानाकर्षक प्रस्ताव का दिया जवाब

चेन्नई
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Kritika pandey
  • Updated: October 17, 2025

कैनविज टाइम्स, डिजिटल डेस्क ।

तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री एम. सुब्रमण्यम ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश में खांसी की दवा से बच्चों की हुई मौत के मुद्दे पर अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) की ओर से लाए गए ध्यानाकार्षण प्रस्ताव का जवाब दिया। विधानसभा सभा सत्र के चौथे दिन अपने संबोधन के दौरान उन्होंने दवा कंपनी के खिलाफ राज्य सरकार की ओर उठाए जा रहे कदमों के बारे में विस्तार से बताया। स्वास्थ्य मंत्री एम. सुब्रमण्यम ने विधानसभा में बताया कि तमिलनाडु सरकार को मध्य प्रदेश में 25 बच्चों की हुई मौत की सूचना के बाद दो दिन गहनता से जांच कराई गई। दो दिन के भीतर ही विवादास्पद दवा का उत्पादन भी बंद करवा दिया गया और कंपनी को सील कर दिया गया। औषधि निरीक्षकों द्वारा की गई जांच के आधार पर सभी जरूरी कार्रवाई की गई और आगे की सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहेे हैं। उन्होंने बताया कि पूरे तमिलनाडु में श्रीसन फार्मा कंपनी से खांसी की दवा ज़ब्त कर ली गई है। वैसे भी विवादास्पद खांसी की दवा (कोल्ड्रिफ) का सरकारी अस्पतालों में इस्तेमाल नहीं होता था। खांसी की दवा मामले में कंपनी के मालिक को गिरफ्तार कर आपराधिक कार्रवाई की गई है। दवा कंपनियों के उत्पादन पर नज़र रखने के लिए विशेष टीमें भी बनाई गई हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि तमिलनाडु सरकार ने किसी भी निजी व्यक्ति को कोल्ड्रिप दवा की खरीद-बिक्री करने से रोकने के लिए प्रतिबंध आदेश जारी किया है। एक अक्टूबर 2025 और दो अक्तूबर 2025 को किए गए निरीक्षण में पाया गया कि इसमें नियमों का उल्लंघन हुआ है। कोल्ड्रिप सहित 5 दवाओं को विश्लेषण के लिए चेन्नई लाया जा रहा है। इसमें 48.6 प्रतिशत डाइएथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया है। यह एक रसायन है। यह जानलेवा माना जाता है। स्वास्थ्य मंत्री ने सदन को बताया कि पुडुचेरी और ओडिशा की सरकार ने भी कोल्ड्रिप सिरप खरीदी है। यदि यह दवा वहां भी बेची जाती, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते थे। इसलिए समय रहते तमिलनाडु सरकार ने तुरंत दोनों राज्यों को सूचना भेज दी है। साथ ही संबंधित कंपनी में दवा के निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और इसे पूरी तरह से बंद किया जा रहा है। एक नोटिस भेजकर पूछा जा रहा है कि क्यों न इस कंपनी का अनुमोदन रद्द कर दिया जाए।

Breaking News:

Recent News: