उत्तर प्रदेश फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विस एसोसिएशन की प्रांतीय बैठक में कर्मचारी हुए लामबंद, पुरानी पेंशन सहित विभिन्न मांगों पर आंदोलन का ऐलान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विस एसोसिएशन की प्रांतीय बैठक गुरुवार को एकता सदन में आयोजित हुई। बैठक में पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली, वेतन विसंगतियों का निस्तारण, स्मारक समितियों के कार्मिकों की समस्याओं तथा फेडरेशन एवं महासंघ के प्रांतीय अधिवेशन के आयोजन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
ई-ऑफिस प्रणाली में संसाधनों की कमी का मुद्दा उठा
बैठक में ई-ऑफिस प्रणाली लागू किए जाने के बावजूद अधिकांश पटलों पर कंप्यूटर उपलब्ध न होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि पर्याप्त संसाधनों के अभाव में ई-ऑफिस व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन संभव नहीं हो पा रहा है, जिससे कर्मचारियों को कार्य निष्पादन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
12 दिसंबर को जंतर-मंतर पर होगा बड़ा प्रदर्शन
बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान के लिए प्रदेश भर के कर्मचारियों को संगठित किया जाएगा। साथ ही यह घोषणा की गई कि आगामी 12 दिसंबर 2026 को विभिन्न कर्मचारी संगठन अपनी मांगों के समर्थन में नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे।
बैठक का नेतृत्व और संचालन
- अध्यक्षता: फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष संदीप पांडे
- संचालन: महामंत्री मंसूर अली
बैठक में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी
इस अवसर पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों के निम्नलिखित पदाधिकारी उपस्थित रहे:
- देवेंद्र यादव — उपाध्यक्ष
- जे.पी. तिवारी — अतिरिक्त महामंत्री
- दिग्विजय — क्षेत्रीय कार्यकारी अध्यक्ष
- रंजीत कुमार — महामंत्री
- शैलेन्द्र कुमार यादव — जिला अध्यक्ष
- अनुपम सिंह — प्रांतीय महामंत्री, उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिशासी अधिकारी संघ
- पारस नाथ आर्य — प्रांतीय महामंत्री, सर्किल ऑफिस
- तरुणेश श्रीवास्तव — उपाध्यक्ष
- अशोक मौर्य — कोषाध्यक्ष, सफाई कर्मचारी संघ स्मारक समिति
- नागेंद्र पाल — जनपद अध्यक्ष, गोरखपुर
- समीउल्लाह खान — महामंत्री
इनके अलावा विभिन्न कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष, महामंत्री एवं अन्य पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
आगे की रणनीति
फेडरेशन द्वारा लिए गए इन फैसलों से स्पष्ट है कि आने वाले महीनों में कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन बहाली और अन्य लंबित मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में हैं। जंतर-मंतर पर होने वाला प्रदर्शन इस आंदोलन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
