लखनऊ बार एसोसिएशन की बैठक में तीन अहम प्रस्ताव पास, अधिवक्ताओं के उत्पीड़न पर जताई गई चिंता
लखनऊ। लखनऊ बार एसोसिएशन द्वारा आहूत की गई वर्तमान एवं पूर्व अध्यक्ष व महामंत्रीगण की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जी.एन. शुक्ला "चच्चू" एडवोकेट, अध्यक्ष, लखनऊ बार एसोसिएशन, एवं अखिलेश जायसवाल एडवोकेट, अध्यक्ष, सेंट्रल बार एसोसिएशन ने की। बैठक का संचालन जितेन्द्र सिंह यादव "जीतू" एडवोकेट, महामंत्री, लखनऊ बार एसोसिएशन एवं अवनीश दीक्षित एडवोकेट, महामंत्री, सेंट्रल बार एसोसिएशन ने किया।
बैठक में शामिल प्रमुख पदाधिकारी
- जी.एन. शुक्ला "चच्चू" एडवोकेट — अध्यक्ष, लखनऊ बार एसोसिएशन
- अखिलेश जायसवाल एडवोकेट — अध्यक्ष, सेंट्रल बार एसोसिएशन
- जितेन्द्र सिंह यादव "जीतू" एडवोकेट — महामंत्री, लखनऊ बार एसोसिएशन
- अवनीश दीक्षित एडवोकेट — महामंत्री, सेंट्रल बार एसोसिएशन
बैठक में सर्वसम्मति से पारित हुए तीन प्रस्ताव
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए:
1. काले कोट की आड़ में गलत कार्यों की निंदा
बैठक में उन लोगों की कड़ी निंदा की गई जो अधिवक्ता की वेशभूषा (काले कोट) का दुरुपयोग करते हुए गलत कार्यों में लिप्त पाए जाते हैं।
2. न्यायमूर्तियों से मिलेगा प्रतिनिधि मंडल
पुलिस प्रशासन द्वारा विभिन्न मुकदमों में "अज्ञात" की आड़ में सम्मानित निर्दोष अधिवक्ता साथीगण व उनके परिजनों पर हो रहे पुलिसिया उत्पीड़न के संदर्भ में एक प्रतिनिधि मंडल इन न्यायमूर्तियों से मुलाकात करेगा:
- वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजन राय
- प्रशासनिक न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान
प्रतिनिधि मंडल इन्हें वास्तविक वस्तुस्थिति से अवगत कराएगा।
3. अनैतिक कार्यों में लिप्त पाए जाने पर सख्त कार्रवाई
यदि कोई व्यक्ति अधिवक्ताओं की वेशभूषा में अनैतिक कार्यों में लिप्त पाया जाता है, तो निम्नलिखित कार्रवाई की जाएगी:
- बार एसोसिएशन द्वारा उसके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी
- इस कार्यवाही की सूचना बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को अग्रिम कार्यवाही हेतु पत्र के माध्यम से भेजी जाएगी
निष्कर्ष
लखनऊ बार एसोसिएशन और सेंट्रल बार एसोसिएशन की इस संयुक्त बैठक ने अधिवक्ता समुदाय की गरिमा बनाए रखने और सम्मानित अधिवक्ताओं को अनुचित पुलिसिया कार्रवाई से बचाने की दिशा में एक स्पष्ट संदेश दिया है। न्यायमूर्तियों से प्रतिनिधि मंडल की मुलाकात के बाद इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।
