पीलीभीत: मांगें पूरी न होने पर 5 अगस्त से अतिरिक्त कार्यों के बहिष्कार की चेतावनी, लेखपाल संघ ने सौंपा ज्ञापन
पूरनपुर (पीलीभीत)। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ, तहसील उपशाखा पूरनपुर ने अपनी लंबित एवं न्यायोचित मांगों के समाधान को लेकर उपजिलाधिकारी के माध्यम से राजस्व परिषद को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो 5 अगस्त 2026 से प्रदेशभर के लेखपाल अतिरिक्त हल्कों में कार्य करने का बहिष्कार करेंगे।
ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख मांगें
लेखपाल संघ ने अपने ज्ञापन में शासन के समक्ष कई अहम मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- अंतर्मंडलीय स्थानांतरण के लिए बंद पड़े ऑनलाइन पोर्टल को पुनः खोला जाए
- वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची शीघ्र जारी की जाए
- वर्ष 2024 की विभागीय परीक्षा का परिणाम व प्रशिक्षण प्रमाणपत्र घोषित किया जाए
- स्टेशनरी, वाहन एवं विशेष भत्तों में वृद्धि की जाए
- भूलेख कार्यालयों व अन्य पटलों से संबद्ध लेखपालों को वहां से कार्यमुक्त किया जाए
- ग्राम सचिवालयों में पर्याप्त आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना रोस्टर लागू न किया जाए
संघ बोला — बढ़ते कार्यभार से लेखपालों में असंतोष
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की कमी और अतिरिक्त जिम्मेदारियों के चलते लेखपालों में गहरा असंतोष व्याप्त है। संघ के अनुसार, यदि शासन स्तर पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 5 अगस्त से अतिरिक्त हल्कों का कार्य पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और संबंधित अभिलेख तहसील तथा राजस्व निरीक्षक कार्यालय में जमा कर दिए जाएंगे।
भविष्य में ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार की भी चेतावनी
संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे चलकर ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार पर भी विचार किया जाएगा, जिससे राजस्व से जुड़े कामकाज पर व्यापक असर पड़ सकता है।
जनहित प्रभावित करना उद्देश्य नहीं: लेखपाल संघ
संघ ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी भी प्रकार से जनहित को प्रभावित करना नहीं है, बल्कि वर्षों से लंबित अपनी मांगों के समाधान की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करना है। संघ का कहना है कि यदि समय रहते मांगों पर सकारात्मक निर्णय ले लिया जाता है, तो आंदोलन की नौबत नहीं आएगी।
