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राजस्थान आवासन मंडल के लिए अधिग्रहित भूमि पर अतिक्रमण पूर्ण घोटाला : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Kritika pandey
  • Updated: October 17, 2025

कैनविज टाइम्स, डिजिटल डेस्क ।

उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि राजस्थान आवास बोर्ड के लिए अधिग्रहित भूमि पर अतिक्रमण एक सरासर घोटाला है, जिसमें ऊपर से नीचे तक सभी लोग शामिल हैं। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि राजस्थान उच्च न्यायालय के दर्जनों आदेशों में कहा गया है कि अतिक्रमण करके किए गए इन निर्माणों को प्राधिकार नियमित नहीं कर सकते हैं। दरअसल, राजस्थान सरकार ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करके 20 अगस्त के राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी। राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के 12 मार्च, 2025 के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें राजस्थान हाउसिंग बोर्ड के लिए अधिगृहित की गई भूमि पर बनाई गई अनधिकृत कालोनियों को नियमित करने का आदेश दिया गया था। उच्च न्यायालय ने इन अनधिकृत कालोनियों को गिराने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय ने इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भी आदेश दिया था। सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की ओर से पेश एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि करीब पांच हजार घर बनाए जा चुके हैं। तब उच्चतम न्यायालय ने कहा कि ये एक गंभीर मामला है। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि आप उच्च न्यायालय जाकर बताइए। ये एक सरासर घोटाला है। उच्च न्यायालय के ऐसे कई आदेश हैं, जिनमें कहा गया है कि अनधिकृत निर्माणों को नियमित नहीं किया जा सकता है। उच्च न्यायालय ने राजस्थान सरकार की याचिका खारिज करते हुए राज्य सरकार को इस बात की छूट दी कि वे उच्च न्यायालय जाकर राहत की मांग करें।
 

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