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लखनऊ मंडल में पर्यटन विकास: जयवीर सिंह ने दिए धार्मिक स्थलों को संवारने के निर्देश

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने लखनऊ मंडल की समीक्षा बैठक में नैमिषारण्य, मिश्रिख, गोला गोकर्णनाथ सहित कई धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों के पर्यटन विकास कार्यों को नवंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: August 4, 2026

लखनऊ मंडल के आस्था स्थलों और प्राचीन धरोहरों को संवारकर मिलेगा पर्यटन को बढ़ावा: जयवीर सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मंडलायुक्त सभागार में आयोजित एक अहम समीक्षा बैठक में लखनऊ मंडल के तहत चल रही पर्यटन विकास परियोजनाओं की गहन समीक्षा की। बैठक में पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की कार्ययोजना 2026-27 के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2024 से 2026 तक की प्रगति पर भी चर्चा हुई।

नवंबर तक पूरी करनी होंगी 1.50 करोड़ तक की परियोजनाएं

पर्यटन मंत्री ने कार्यदायी संस्थाओं और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 1.50 करोड़ रुपये तक की विकास परियोजनाओं को आगामी नवंबर तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना का शुभारंभ करते समय भूमि पूजन क्षेत्रीय सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्यों से ही कराया जाए। आदेशों के उल्लंघन और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

लखनऊ की ऐतिहासिक व धार्मिक धरोहरों को मिलेगी नई पहचान

जयवीर सिंह ने लखनऊ की ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक धरोहरों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की:

  • नौसेना शौर्य संग्रहालय — द्वितीय चरण का निर्माण अक्टूबर तक पूरा करने का निर्देश
  • सई नदी तट घाट निर्माण — कार्य में तेजी लाने के आदेश
  • महाराज बिजली पासी किला — फसाड वाल निर्माण व पर्यटन विकास अक्टूबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य
  • कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट — इको टूरिज्म के तहत नवंबर तक विकास कार्य
  • रवींद्रालय — पर्यटन विकास कार्य अक्टूबर तक पूर्ण करने के निर्देश

मंत्री ने लखनऊ में शुरू न हो सकीं 16 परियोजनाओं की भी विधिवत समीक्षा कर कार्य को गति देने को कहा।

नैमिषारण्य और मिश्रिख का होगा विश्वस्तरीय विकास

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा ऐलान करते हुए मंत्री ने जनपद सीतापुर के मिश्रिख और विश्वस्तरीय धरोहर नैमिषारण्य से जुड़े सभी कार्यों को नवंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीतापुर की परियोजनाओं की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए नैमिषारण्य स्थित धर्मशाला के पिलग्रिम इंटरप्रिटेशन सेंटर का नवीनीकरण नवंबर तक पूरा करने को कहा।

इसके अलावा 154.56 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन सिधौली के गोदलामऊ स्थित अति प्राचीन महादेव मंदिर के पर्यटन विकास कार्य में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए। लहरपुर, मिश्रिख और महमूदाबाद की पर्यटन विकास योजनाओं के भूमि पूजन का तिथिवार कार्यक्रम तैयार करने को भी कहा गया।

लखीमपुर खीरी: गोला गोकर्णनाथ शिव मंदिर कॉरिडोर को रफ्तार

जनपद लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्ण शिव मंदिर को रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से जोड़ने वाली सड़कों पर कॉरिडोर निर्माण का निर्देश दिया गया। साथ ही डल्लू लाल मंदिर व अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु 2248.73 लाख रुपये की परियोजना को सितंबर तक पूरा करने को कहा गया। गोला, बलिया, लखीमपुर सदर, मोहम्मदी, निघासन, श्रीनगर और कस्ता विधानसभा क्षेत्रों की परियोजनाओं को भी नवंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

रायबरेली और उन्नाव की परियोजनाओं पर भी जोर

रायबरेली में शहीद स्मारक स्थल मुंशीगंज का पर्यटन विकास 15 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही ऊंचाहार, सलोन, हरिचंद्रपुर, रायबरेली सदर, बछरांवा, उन्नाव सदर, पुरवा, बांगरमऊ, भगवंतनगर तथा हरदोई जिले की बालामऊ, संडीला, सांडी, गोपामऊ, मल्लावां जैसी विधानसभाओं की विकास परियोजनाओं में तेजी लाने पर बल दिया गया।

आचार संहिता से पहले पूरे होंगे लोकार्पण योग्य कार्य

मंत्री जयवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि आचार संहिता लागू होने से पहले सभी परियोजनाओं को लोकार्पण के लिए तैयार कर लिया जाए। इसके साथ ही संस्कृति विभाग के अंतर्गत सार्वजनिक रामलीला मैदानों के विकास, विस्तार व जीर्णोद्धार और पुरातत्व निदेशालय द्वारा पुरास्थलों के संरक्षण कार्य को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

बैठक में रहे ये गणमान्य लोग मौजूद

समीक्षा बैठक में लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी और उन्नाव जनपदों के विधायकगण, विधान परिषद सदस्य, सांसद प्रतिनिधि तथा रक्षा मंत्री के विशेष कार्याधिकारी दिवाकर त्रिपाठी के अलावा लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, महानिदेशक पर्यटन वेदपति मिश्रा, विशेष सचिव पर्यटन दीपा रंजनमृदुल चौधरी, अंजू चौधरी और पुरातत्व निदेशक रेनू द्विवेदी सहित पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।

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