पीलीभीत: पूरनपुर देहात में 'वृक्षारोपण महायज्ञ 2026' का शुभारंभ, सेल्फी प्वाइंट बना आकर्षण का केंद्र
पीलीभीत। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को मजबूत करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत पूरनपुर देहात में 'वृक्षारोपण महायज्ञ 2026' का शुभारंभ किया गया। अभियान के तहत ग्राम पंचायत के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया। इस दौरान तैयार किया गया ग्रीन सेल्फी प्वाइंट ग्रामीणों और युवाओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा, जहां लोगों ने पौधों के साथ तस्वीरें खिंचवाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किया।
ग्राम प्रधान रहनुमा बेगम और पंचायत सचिव अवनीश कुमार के निर्देशन में ग्राम रोजगार सेवक लतीफ अहमद ने मनरेगा श्रमिकों के सहयोग से पौधारोपण अभियान का शुभारंभ कराया। अभियान के अंतर्गत स्कूल परिसर, पंचायत भवन, सार्वजनिक स्थलों तथा खाली पड़ी सरकारी भूमि पर आम, नीम, पीपल, सागौन और जामुन सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
इस अवसर पर रोजगार सेवक लतीफ अहमद ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। यदि प्रत्येक नागरिक लगाए गए पौधों की जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाले वर्षों में क्षेत्र को हराभरा और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सकता है।
सेल्फी प्वाइंट से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
अभियान के दौरान बनाया गया विशेष वृक्षारोपण सेल्फी प्वाइंट लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। पौधारोपण करने के बाद ग्रामीणों, युवाओं और बच्चों ने यहां तस्वीरें खिंचवाईं और सोशल मीडिया पर साझा करते हुए अधिक से अधिक लोगों से वृक्ष लगाने तथा पर्यावरण बचाने की अपील की। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ना और युवाओं को हरित अभियान का सक्रिय हिस्सा बनाना है।
चरणबद्ध तरीके से लगाए जाएंगे हजारों पौधे
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि फैयाज अहमद ने बताया कि वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 के तहत ग्राम पंचायत में चरणबद्ध तरीके से हजारों पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने ग्रामीणों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और प्रत्येक पौधे की देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण को संतुलित नहीं रखते, बल्कि जल संरक्षण, स्वच्छ वायु और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं। जनसहभागिता से यह अभियान गांव को हराभरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
