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गोंडा में फर्जी ब्लड रैकेट का खुलासा, 8 आरोपी गिरफ्तार

गोंडा पुलिस ने अस्पतालों के बाहर फर्जी ब्लड सप्लाई करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया। 8 आरोपी गिरफ्तार, फर्जी ब्लड बैंक कार्ड और अन्य सामान बरामद।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: July 12, 2026

गोंडा में खून के काले कारोबार का बड़ा खुलासा, फर्जी ब्लड सप्लाई करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह के 8 आरोपी गिरफ्तार

गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में इंसान की जान बचाने वाले रक्त को अवैध कमाई का जरिया बनाने वाले एक संगठित अंतरजनपदीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कोतवाली नगर पुलिस ने ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जो अस्पतालों के बाहर रक्त की जरूरत वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को निशाना बनाकर मोटी रकम वसूलता था। आरोप है कि गिरोह संदिग्ध, अनुपयुक्त और कुछ मामलों में एक्सपायरी ब्लड तक उपलब्ध कराता था।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 253 फर्जी ब्लड बैंक कार्ड, 10 डिस्पोजेबल सिरिंज और 9 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। मामले में आरोपियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के साथ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया गया।

कैसे हुआ पूरे गिरोह का खुलासा?

पुलिस के अनुसार, मामला उस समय सामने आया जब खरगूपुर थाना क्षेत्र निवासी वली मोहम्मद अपनी पत्नी के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। इलाज के दौरान रक्त की आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल के बाहर सक्रिय एक व्यक्ति ने 12,500 रुपये लेकर ब्लड उपलब्ध कराया।

जब डॉक्टरों ने रक्त की जांच की तो वह संदिग्ध पाया गया और मरीज को चढ़ाने से इनकार कर दिया। पीड़ित द्वारा रुपये वापस मांगने पर आरोपी फरार होने का प्रयास करने लगा। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया।

अस्पतालों के बाहर बनाते थे शिकार

जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य अस्पतालों, निजी क्लीनिकों और अन्य चिकित्सा संस्थानों के बाहर रक्त की जरूरत वाले परिजनों की तलाश करते थे। इसके बाद तत्काल ब्लड उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनसे हजारों रुपये वसूलते थे।

पूछताछ के दौरान यह भी जानकारी मिली कि गिरोह से जुड़े दो आरोपी बलरामपुर में ब्लड बैंक का संचालन करते थे और वहीं से पूरे नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था। पुलिस इस दावे की जांच कर रही है।

एक्सपायरी ब्लड देने का भी आरोप

जांच में एक और गंभीर मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार, एक 9 वर्षीय बालिका के इलाज के दौरान भी इसी गिरोह द्वारा कथित रूप से एक्सपायरी ब्लड उपलब्ध कराया गया था। डॉक्टरों की सतर्कता से समय रहते रक्त की जांच हुई और संभावित बड़ा हादसा टल गया।

पुलिस की कार्रवाई जारी

पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) अजीत कुमार रजक तथा क्षेत्राधिकारी नगर योगेंद्र सिंह के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक विन्देश्वरी मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चाँदमारी पुलिया, घोसियाना के पास से सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस अब गिरोह के आर्थिक लेन-देन, ब्लड सप्लाई नेटवर्क, संभावित सहयोगियों और अन्य जिलों तक फैले संबंधों की जांच कर रही है।

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