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ग्रामीण विकास में बड़ा निवेश: उत्तर प्रदेश को ₹3,210.76 करोड़, मजदूरी भुगतान और इंफ्रास्ट्रक्चर होगा मजबूत

केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास और रोजगार योजनाओं के लिए ₹3,210.76 करोड़ मंजूर किए हैं। इससे श्रमिकों की मजदूरी, ग्रामीण सड़कें, जल संरक्षण और आधारभूत विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: July 13, 2026

उत्तर प्रदेश को ₹3,210.76 करोड़ की बड़ी सौगात, ग्रामीण विकास और रोजगार योजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार

लखनऊ, 13 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने ₹3,210.76 करोड़ की बड़ी वित्तीय सहायता स्वीकृत की है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)' के अंतर्गत जारी यह बजट प्रदेश में ग्रामीण रोजगार, आधारभूत ढांचे के विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस वित्तीय सहायता से प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी तथा लाखों ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार और समयबद्ध मजदूरी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को भी बल मिलेगा।

केशव प्रसाद मौर्य ने केंद्र सरकार का जताया आभार

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को केंद्र सरकार का निरंतर सहयोग प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस बजट से रोजगार सेवकों, मेटों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, ग्रामीण युवाओं तथा अन्य लाभार्थियों के लिए रोजगार, स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सहयोग से उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है। केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही वित्तीय सहायता से ग्रामीण अधोसंरचना, महिला सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूहों के सुदृढ़ीकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।

किस मद में कितना मिला बजट?

स्वीकृत ₹3,210.76 करोड़ की धनराशि को विभिन्न मदों में विभाजित किया गया है—

₹1,783.76 करोड़ – श्रमांश (लेबर बजट) के लिए, जिससे ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान किया जाएगा।

₹1,189.17 करोड़ – निर्माण सामग्री एवं विकास कार्यों के लिए।

₹237.83 करोड़ – प्रशासनिक प्रबंधन, निगरानी और योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए।

ग्रामीण विकास परियोजनाओं को मिलेगी नई गति

इस बजट से ग्रामीण सड़कों का निर्माण, जल संरक्षण, तालाबों का पुनर्जीवन, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण और अन्य आधारभूत विकास कार्यों को गति मिलेगी। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।

ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचने से लाखों परिवारों की आय में वृद्धि होगी और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे गांवों की क्रय शक्ति बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था अधिक मजबूत होगी।

पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर

प्रदेश सरकार का लक्ष्य स्वीकृत धनराशि का पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से सभी जिलों में विकास कार्यों को तेज किया जाएगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तर प्रदेश ग्रामीण विकास के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। यह वित्तीय सहायता 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने के साथ-साथ गांवों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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