लखनऊ नगर निगम का अतिक्रमण के खिलाफ सघन अभियान, कई स्थानों से हटाए गए अवैध कब्जे
लखनऊ नगर निगम समाचार: शहर में लगातार बढ़ते अवैध अतिक्रमण और उससे उत्पन्न यातायात समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम लखनऊ ने शुक्रवार को विभिन्न क्षेत्रों में सघन अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर नगर निगम की टीमों ने पुलिस बल के सहयोग से जोन-3, जोन-5 और जोन-8 में अवैध कब्जे हटाकर संबंधित अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की।
जानकीपुरम और इंजीनियरिंग कॉलेज ओवरब्रिज क्षेत्र में विशेष अभियान (जोन-3)
जोन-3 के जोनल अधिकारी अजीत राय के निर्देशन में जानकीपुरम द्वितीय सेक्टर-जे, सेक्टर-डी अलीगंज तथा सीतापुर रोड से मड़ियांव होते हुए इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा जाने वाले ओवरब्रिज के प्रारंभिक बिंदु पर विशेष अभियान चलाया गया। सड़क और सार्वजनिक मार्गों पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाया गया।
इंजीनियरिंग कॉलेज ओवरब्रिज के समीप प्रतिदिन लगने वाले भीषण यातायात जाम को देखते हुए यह कार्रवाई की गई।
आलमबाग से सुजानपुरा टेढ़ी पुलिया तक हटाए गए अवैध कब्जे (जोन-5)
जोन-5 क्षेत्र में आलमबाग चौराहे से सुजानपुरा टेढ़ी पुलिया तक अतिक्रमणकारियों द्वारा लगाए गए ठेले, खुमचे, गुमटियों और काउंटरों के विरुद्ध अभियान चलाया गया।
जब्त किया गया सामान:
- 8 ठेले
- 3 गुमटियां
- 3 काउंटर
वसूला गया शमन शुल्क:
- अतिक्रमण पर: ₹2,500
- गंदगी और प्रतिबंधित पॉलीथीन पर: ₹3,000
यह अभियान जोनल अधिकारी विनीत कुमार सिंह के नेतृत्व में चलाया गया। इसमें कर अधीक्षक सभाजीत सिंह, जोनल सेनेटरी अधिकारी सचिन सक्सेना, राजस्व निरीक्षक धीरेन्द्र प्रताप सिंह, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक सुभाष चौधरी, प्रवर्तन दल (296) तथा पुलिस बल की संयुक्त टीम शामिल रही।
तेलीबाग क्षेत्र में वृहद अतिक्रमण विरोधी अभियान (जोन-8)
जोन-8 के जोनल अधिकारी डॉ. आशीष सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल, ईटीएफ एवं 296 टीम की मौजूदगी में तेलीबाग चौराहे से सेक्टर-5 मोड़ तक वृहद अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। सड़क किनारे अवैध रूप से लगाए गए ठेलों और अस्थायी दुकानों को हटाया गया।
जब्त किया गया सामान:
| सामान | मात्रा |
|---|---|
| कैरेट (हाथ ठेले) | 23 |
| ठेला | 1 |
| कुर्सियां | 2 |
| लोहे की मेज | 1 |
| काउंटर (सामान्य) | 1 |
| लोहे का काउंटर | 1 |
| गैस सिलेंडर | 5 |
| भट्टियां | 2 |
| स्टूल | 2 |
संबंधित अतिक्रमणकारियों को भविष्य में सार्वजनिक स्थलों पर दोबारा अतिक्रमण न करने की सख्त हिदायत दी गई।
