लखनऊ, कैनविज टाइम्स संवाददाता। इंटीग्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल साइंस एंड टेक्नोलॉजी, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी ने उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के सहयोग से विकसित भारत के लिए एआई एवं रोबोटिक्स आधारित स्मार्ट कृषि विषय पर अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस का शुभारंभ किया। दो दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय कृषि को तकनीक-आधारित, नवोन्मेषी एवं टिकाऊ बनाने के लिए समाधान प्रस्तुत करना है। उद्घाटन सत्र में देश-विदेश से आए शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों, कृषि उद्यमियों एवं प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स एवं स्मार्ट तकनीकों की भूमिका पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ, जिससे भविष्य की कृषि को अधिक सक्षम एवं लचीला बनाया जा सके। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिनेश प्रताप सिंह, राज्यमंत्री, उद्यान, कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार, उत्तर प्रदेश सरकार ने इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्नत तकनीकों के प्रयोग से कृषि उत्पादन, किसानों की आय तथा खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ किया जा सकता है। प्रो. एस. डब्ल्यू. अख्तर, कुलाधिपति एवं संस्थापक, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी ने कहा कि एआई एवं आधुनिक तकनीकों का समावेश कृषि क्षेत्र की स्थिरता संबंधी चुनौतियों का समाधान करने में सहायक होगा और ग्रामीण विकास के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकेगा। प्रो. पंजाब सिंह कुलाधिपति, रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी ने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न जल संकट एवं भूमि क्षरण को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि एआई एवं रोबोटिक्स आधारित स्मार्ट कृषि जलवायु-अनुकूल खेती के लिए प्रभावी समाधान प्रदान करती है। यह अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के सहयोग से तथा जीआईजेड सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के समर्थन से आयोजित की जा रही है।
