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नगर निगम दक्षिणी जोन ने जागरूकता बढ़ाने के लिए एनसीसी के साथ 'मौन मार्च' का किया आयोजन

दिल्ली नगर निगम दक्षिणी जोन और एनसीसी ने खतरनाक कचरे के सुरक्षित निपटान हेतु एक मौन मार्च आयोजित किया, जिसमें सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Kritika pandey
  • Updated: July 23, 2025

कैनविज टाइम्स, डिजिटल डेस्क ।

दिल्ली नगर निगम दक्षिणी जोन ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के साथ मिलकर खतरनाक अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक बुधवार को 'मौन मार्च (साईलेंट मार्च)' का आयोजन किया। एनसीसी कैडेटों द्वारा सफदरजंग एन्क्लेव से आर.के.पुरम तक किए गए मार्च का नेतृत्व नगर निगम दक्षिणी जोन के उपायुक्त दिलखुश मीणा और एनसीसी के लेफ्टिनेंट कर्नल ज्ञानेश लांबा ने किया। इस अवसर पर महापौर राजा इकबाल सिंह ने एनसीसी को इस पहल के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ दिल्ली, स्वस्थ दिल्ली केवल एक सपना नहीं बल्कि हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। जिसे हमें मिलकर पूरा करना है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को घरेलू खतरनाक अपशिष्ट के अनुचित प्रबंधन और निपटान के कारण सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी जोखिमों के प्रति जागरूक करना है। इस अवसर पर बोलते हुए दिलखुश मीणा ने कहा कि जब शब्द कम पड़ जाएं तो काम बोलते हैं। यह ‘मौन मार्च' केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं है। यह हमारे शहर को साफ रखने वालों की रक्षा का एक वादा है। यह मौन मार्च इन सफाई कर्मचारियों के प्रति एक सम्मान है और प्रत्येक नागरिक से कचरे को स्रोत पर ही जिम्मेदारी से अलग करने का आह्वान है। 

उन्होंने बताया कि टूटे हुए कांच, ब्लेड, सैनिटरी कचरा, सीरिंज और रासायनिक कंटेनर जैसी खतरनाक सामग्री अगर ठीक से अलग न की जाए तो हमारे शहर को साफ रखने के लिए काम करने वालों को गंभीर चोट पहुंच सकती है। एनसीसी लेफ्टिनेंट कर्नल ज्ञानेश लांबा ने कहा कि हम सभी को खतरनाक कचरे के निपटान में उचित सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि इससे साफ-सफाई कर रहे सफाई कर्मचारियों को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेटों ने 'सफाई अपनाओ, बीमार भगाओ' अभियान के आदर्श वाक्य के साथ खतरनाक कचरे के अनुचित निपटान के जोखिमों पर बैनर प्रदर्शित किए। यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन और स्वच्छ सर्वेक्षण के बड़े लक्ष्यों के अनुरूप है और 2028 तक दिल्ली को 'एक स्वच्छ और सुरक्षित शहर' बनाने की दिल्ली नगर निगम दक्षिण क्षेत्र की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। उन्होंने नगर निगम के सभी निवासियों से एक स्थायी अपशिष्ट प्रबंधन संस्कृति बनाने और सफाई कर्मचारियों की गरिमा और सुरक्षा की रक्षा करने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।

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