भाषा विश्वविद्यालय में पहली बार छह 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' की नियुक्ति को मंजूरी
लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में बुधवार को आयोजित कार्य परिषद (एग्जीक्यूटिव काउंसिल) की महत्वपूर्ण बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास और छात्र हितों से जुड़े कई अहम निर्णयों पर मुहर लगाई गई। बैठक का सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय विश्वविद्यालय में पहली बार "प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस" की नियुक्ति से संबंधित रहा। इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों के छह प्रतिष्ठित और अनुभवी विशेषज्ञों को विश्वविद्यालय से जोड़ा गया है।
कौन हैं ये छह प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस
प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के रूप में देवेंद्र कुमार राय, इरशाद अहमद, मनोज कुमार सिंह, अखिलेश शुक्ला, जी.के. गोस्वामी तथा मुकेश बहादुर सिंह को विश्वविद्यालय से जोड़ा गया है।
- इरशाद अहमद — डायरेक्टर, इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स
- मनोज कुमार सिंह — अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार वन विभाग, प्रशासनिक क्षेत्र का व्यापक अनुभव
- अखिलेश शुक्ला — सीईओ, एआई-एमएल स्टार्टअप युक्ति एडुटेनमेंट (Yukti Edutainment)
- जी.के. गोस्वामी — पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं फाउंडिंग डायरेक्टर, यूपी एसआईएफएस लखनऊ, पुलिस प्रशासन एवं फॉरेंसिक क्षेत्र में विशेषज्ञ
- मुकेश बहादुर सिंह — चेयरमैन, इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स, उद्योग एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े
विद्यार्थियों को मिलेगा व्यावहारिक अनुभव का लाभ
इन प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की सेवाएं विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अपने-अपने क्षेत्रों के व्यावहारिक अनुभव, कार्यशैली और वास्तविक चुनौतियों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक समझ विकसित करने तथा भविष्य के करियर के लिए बेहतर रूप से तैयार होने का अवसर मिलेगा।
वित्त और भवन समिति के निर्णयों को भी मंजूरी
बैठक में विश्वविद्यालय की वित्त समिति (एफसी) तथा भवन समिति द्वारा पूर्व में लिए गए विभिन्न निर्णयों को भी कार्य परिषद ने अनुमोदन प्रदान किया। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय में विभिन्न विषयों के लिए स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत संचालित पाठ्यक्रमों में संविदा आधारित सहायक प्रोफेसर पदों के चयन से संबंधित प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया गया।
इसके तहत बीएससी फिजिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा गणित सहित विभिन्न विषयों के चयनित अभ्यर्थियों से संबंधित प्रक्रिया के तहत आज लिफाफे खोले गए।
कार्य परिषद की इस बैठक में विश्वविद्यालय के विकास, शैक्षणिक गुणवत्ता और संस्थागत हितों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए गए।
