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शकुन्तला मिश्रा विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह: 1921 विद्यार्थियों को उपाधियां

डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के 13वें दीक्षांत समारोह में 1921 विद्यार्थियों को उपाधियां और 156 पदक प्रदान किए गए। 27 दिव्यांग छात्रों ने जीते 45 पदक।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: August 1, 2026

डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय का 13वां दीक्षांत समारोह: 1921 विद्यार्थियों को मिलीं उपाधियां

लखनऊ। डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय का 13वां दीक्षांत समारोह शुक्रवार को विश्वविद्यालय के अटल प्रेक्षागृह में आयोजित हुआ। समारोह में विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। पदक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने शिक्षकों, अभिभावकों तथा विश्वविद्यालय को दिया।

कुल 1921 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां

दीक्षांत समारोह में कुल 1921 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं:

  • 956 छात्राएं
  • 965 छात्र
  • इनमें 17 शोध उपाधियां भी शामिल

पदक वितरण का पूरा आंकड़ा

समारोह में कुल 130 मेधावी छात्र-छात्राओं को 156 पदक प्रदान किए गए।

पदक श्रेणीकुल पदकछात्राएंछात्रविद्यार्थी
स्वर्ण7641 (32 छात्राएं)35 (25 छात्र)57
रजत4024 (22 छात्राएं)16 (14 छात्र)36
कांस्य4026 (24 छात्राएं)14 (13 छात्र)37

कुल मिलाकर 78 छात्राओं को 91 पदक और 52 छात्रों को 65 पदक प्रदान किए गए।

दिव्यांग विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन

दीक्षांत समारोह की एक विशेष उपलब्धि दिव्यांग विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन रही:

  • कुल 27 दिव्यांग विद्यार्थियों ने 45 पदक हासिल किए
  • 13 दिव्यांग छात्राएं और 14 दिव्यांग छात्र शामिल
  • 22 स्वर्ण पदक (10 छात्राएं, 12 छात्र)
  • 1 रजत पदक (1 छात्र)
  • 4 कांस्य पदक (3 छात्राएं, 1 छात्र)

यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रभावी प्रयासों का प्रमाण बनी।

समारोह की शुरुआत और विशेषताएं

कार्यक्रम की शुरुआत शैक्षिक शोभायात्रा से हुई, इसके बाद राष्ट्रगीत और कुलगीत गायन हुआ। कुलपति आचार्य संजय सिंह ने शुभारंभ की घोषणा करते हुए स्वागत भाषण और विश्वविद्यालय का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दीक्षोपदेश दिया।

समारोह की खास बात यह रही कि पूरे कार्यक्रम का सांकेतिक भाषा (Sign Language) में भी समानांतर प्रस्तुतीकरण किया गया। साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटर्स ने प्रत्येक संबोधन को सांकेतिक भाषा के माध्यम से दिव्यांगजनों तक पहुंचाया।

राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने बटन दबाकर विद्यार्थियों की डिग्रियों को एक साथ डिजिलॉकर पर अपलोड किया। इसके बाद कुलसचिव रोहित सिंह ने पदक विजेता विद्यार्थियों को मंच पर आमंत्रित किया।

मुख्य अतिथि सी. सदानंदन मास्टर: "यह सिर्फ डिग्री नहीं, नई शुरुआत का दिन"

राज्यसभा सांसद और मुख्य अतिथि सी. सदानंदन मास्टर ने कहा —

"आज का दिन केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि उपलब्धि, उत्सव और जीवन की नई शुरुआत का दिन है। दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों को केवल डिग्री नहीं देता, बल्कि ज्ञान, उत्तरदायित्व और मानवता की सेवा का संकल्प भी सौंपता है।"

उन्होंने बताया कि यह विश्वविद्यालय देश के उन चुनिंदा संस्थानों में है, जहां दिव्यांग और सामान्य विद्यार्थी एक साथ अध्ययन करते हैं, जो समावेशी शिक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने केंद्र सरकार से विश्वविद्यालय को विशेष दर्जा देने पर विचार करने का आग्रह किया।

राज्यपाल का संबोधन और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का सम्मान

राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी सुधीर एम. बोबडे ने कुलाध्यक्षा आनंदीबेन पटेल की अनुपस्थिति में उनका संबोधन पढ़कर सुनाया, जिसमें स्वामी विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय, कृत्रिम अंग एवं पुनर्वास केंद्र तथा कॉलेज फॉर डेफ की सुविधाओं का उल्लेख किया गया।

उन्होंने बताया कि भारतीय पुनर्वास परिषद की ओर से विश्वविद्यालय को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस घोषित किया गया है, और विश्वविद्यालय की "सुगंध पथ" योजना को सबसे मानवीय और नवाचारी पहलों में से एक बताया।

परीक्षा प्रणाली में नवाचार करते हुए दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए सह-लेखक विहीन लैपटॉप आधारित परीक्षा का सफल आयोजन भी संपन्न हो रहा है।

राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप: "यूपी देश का इकलौता राज्य जहां दो विशेष विश्वविद्यालय"

दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत का इकलौता राज्य है जहां दिव्यांगजन विभाग की ओर से दो विशेष विश्वविद्यालय संचालित होते हैं:

  1. डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ
  2. जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय, चित्रकूट

उन्होंने विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर सेंटर फॉर एक्सीलेंस घोषित किए जाने को पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात बताया।

अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन में भी चमकीं छात्रा

विश्वविद्यालय की बीबीए छात्रा संजना कुमारी ने इंडोनेशिया पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल टूर्नामेंट 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए महिला युगल वर्ग में कांस्य पदक जीता।

प्लेसमेंट में भी बेहतरीन प्रदर्शन

विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को 13 लाख रुपये से अधिक के पैकेज पर जॉब ऑफर मिल रहे हैं, जो संस्थान की गुणवत्तापरक शिक्षा व्यवस्था को दर्शाता है।

 

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